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महाराष्ट्र स्टेट बोर्डएसएससी (हिंदी माध्यम) १० वीं कक्षा

अंतर स्पष्ट कीजिए। उष्मीय विद्युत निर्मिती और सौर ऊष्मीय विद्युत निर्मिती। - Science and Technology 2 [विज्ञान और प्रौद्योगिकी २]

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प्रश्न

अंतर स्पष्ट कीजिए।

उष्मीय विद्युत निर्मिती और सौर ऊष्मीय विद्युत निर्मिती।

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उत्तर

उष्मीय विद्युत निर्मिती सौर ऊष्मीय विद्युत निर्मिती
1. कोयले का ज्वलन करने पर उत्पन्न हुई ऊष्मीय ऊर्जा का उपयोग करके ऊष्मीय विद्युत निर्मिती की जाती है। 1. सूर्यप्रकाश की किरणों की उष्मीय ऊर्जा का उपयोग करके सौर ऊष्मीय विद्युत निर्मित जाती है।
2. उष्मा उत्पन्न करने के लिए कोयले का ज्वलन बॉयलर में किया जाता है। 2. ऊष्मा उत्पन्न करने के लिए सूर्यप्रकाश की किरणों को परावर्तित करने वाले अनेक परावर्तक का उपयोग करके सूर्य की किरणों को एक अवशोषक पर केन्द्रित करते हैं। जिससे वहाँ ऊष्मा का निर्माण होता है।

3. कोयले के ज्वलन से उत्पन्न उष्मीय ऊर्जा के कारण पानी का रूपांतरण उच्च तापमान और उच्चदाबवली भाप में होता है। इस भाप की शक्ति से टर्बाइन घुमता है। इस कारण टर्बाइन से जुड़ा हुआ जनित्र घुमकर विद्युत का निर्माण करता है।

3.सूर्य की ऊष्मीय ऊर्जा के कारण पानी का रूपांतरण भाप मे होता है। इस भाप के कारण टरर्बाइन तथा टरर्बाइन के द्वारा जनित्र घुमाया जाता है। इसके द्वारा विद्युत ऊर्जा का निर्माण होता है।
4. ऊष्मीय विद्युत निर्मिती प्रदूषणकारी है। यह पर्यावरण स्नेही भी नहीं है। 4. सौर ऊष्मीय विद्युत निर्मिती प्रदूषणकारी नहीं है। यह पर्यावरण स्नेही है।
5. ऊष्मीय विद्युत निर्मिती में उपयोग किए जाने वाले ईंधन कोयले का प्राकृतिक भंडार सीमित है। 5. सौर ऊष्मीय विद्युत निर्मिती में उपयोग की जाने वाली सौर ऊर्जा प्राकृतिक और कभी न समाप्त होने वाली ऊर्जा है।
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अध्याय 5: हरित ऊर्जा की दिशा में - स्वाध्याय [पृष्ठ ६०]

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बालभारती Vigyaan aur Prodyogiki 2 [Hindi] Standard 10 Maharashtra State Board
अध्याय 5 हरित ऊर्जा की दिशा में
स्वाध्याय | Q 6. आ. | पृष्ठ ६०
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