Advertisements
Advertisements
प्रश्न
अब सोचिए ! ऐसा क्यों होता है-
लेह में लगभग पुरे वर्ष मध्य वर्षण होती है।
Advertisements
उत्तर
समुद्र की सतह से करीब 11,500 फुट की ऊंचाई पर बसा लेह का मौसम अत्याधिक ठंडा होता है। नवंबर से मार्च के बीच तापमान शुन्य से भी 40 डिग्री नीचे चला जाता है। भारी बर्फबारी के कारण इसका संपर्क इस दौरान पूरी दुनिया से कट जाता है। ऐसे मौसम के कारण ही यहां वर्षा की मात्रा काफी कम होती है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
नीचे दिए गए स्थानों में किस स्थान पर विश्व में सबसे अधिक वर्षा होती है?
निम्नलिखित में से कौन-सा कारण भारत के उत्तर-पश्चिम भाग में शीत ऋतु में होने वाली वर्षा के लिए उत्तरदायी है-
भारत के रेखा मानचित्र पर निम्नलिखित को दर्शाएँ-
- 400 सें.मी. से अधिक वर्षा वाले क्षेत्र
- 20 सें.मी. से कम वर्षा वाले क्षेत्र
- भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दिशा
- सर्वाधिक वर्षा वाले दी स्थान
- दो शुष्कतम स्थान
- सर्वाधिक समान जलवायु वाले दो स्थान
- जलवायु में अत्यधिक अंतर वाले दो स्थान
- दक्षिण-पश्चिम मानसून को अरब सागर शाखा के द्वारा सर्वाधिक प्रभावित दो स्थान
- दक्षिण - पश्चिम मानसून को बंगाल की खाड़ी शाखा द्वारा सर्वाधिक प्रभावित दो स्थान
- दोनों से प्रभावित दो स्थान
- लौटती हुई तथा उत्तर पूर्वी मानसून से प्रभावित दो स्थान
- पश्चिमी विक्षोभों के द्वारा शीत ऋतु में वर्षा प्राप्त करने वाले दो स्थान
- संपूर्ण भारत सर्वाधिक वर्षा वाले दो महीने
- निम्नलिखित महीनों में सर्वाधिक गर्म दो महीने
फरवरी
अप्रैल
मई
जून
सर्वाधिक समान जलवायु वाले दो स्थान
जलवायु में अत्यधिक अंतर वाले दो स्थान
निम्नलिखित महीने में सर्वाधिक गर्म दो स्थान
फरवरी
निम्नलिखित महीने में सर्वाधिक गर्म दो स्थान
मई
निम्नलिखित महीने में सर्वाधिक गर्म दो स्थान
जून
अब सोचिए ! ऐसा क्यों होता है-
देश के अधिकतर भागों में मानसूनी वर्षा के समाप्त होने के बाद ही चेन्नई में अधिक वर्षा होती है।
