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प्रश्न
आकृति का निरीक्षण करके निम्न प्रश्नों के उत्तर लिखिए:

- बिंदु B के संदर्भ में बाँध में कितने पानी की स्थितिज ऊर्जा का रूपांतरण विद्युत ऊर्जा में होगा?
- टर्बाइन तक पानी ले जाने वाला मार्ग बिंदु A स्थान से शुरू हुआ तो विद्युत निर्मिती पर क्या प्रभाव होगा?
- टर्बाइन तक पानी ले जाने वाला मार्ग बिंदु C स्थान से शुरू हुआ तो विद्युत निर्मिती पर क्या प्रभाव होगा?
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उत्तर
- जलविद्युत निर्मिती केंन्द्र में कुप्पी खोलने के बाद B से जिस गति में पानी प्रवाहित होने लगे उसी गति से गतिमान पानी स्थितीज ऊर्जा का रूपांतरण गतिशील पानीद्वारा गतिज ऊर्जा में करता है।
- अगर टर्बाइन का पानी का रास्ता बिंदु A से शुरू होता है, तो पानी तेजी से बहेगा। जैसे ही बिंदु A ऊंचा होता है, पानी तेजी से आगे बढ़ेगा। इससे टर्बाइन से जुड़ा हुआ जनित्र घूमने लगेगा और बिजली का निर्माण अधिक कुशलता से होगा।
- यदि टर्बाइन का जल मार्ग बिंदु C से शुरू होता है, तो बिजली के निर्माण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। क्योंकि बिंदु C टर्बाइन के जल पथ के निचले स्तर पर है। पानी जोर से नहीं बहेगा। इसलिए टर्बाइन से जुड़ा हुआ जनित्र ठीक से नहीं घूमेगा।
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जलविद्युत ऊर्जा (Hydroelectric Energy)
क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
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