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प्रश्न
“आदिमकालीन मानव अपने जीवन निर्वाह के लिए अपने समीप के पर्यावरण पर निर्भर रहता था।” आखेट एवं भोजन संग्रहण के संदर्भ में इस कथन की परख कीजिए।
विस्तार में उत्तर
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उत्तर
आदिम काल में लोग प्रकृति के साथ पूर्ण सामंजस्य और उस पर निर्भरता के साथ रहते थे, और शिकार तथा संग्रहण (hunting and gathering) जैसी सबसे पुरानी ज्ञात आर्थिक गतिविधि में संलग्न थे। उनकी यह निर्भरता निम्नलिखित बिंदुओं द्वारा स्पष्ट की जा सकती है:
- संसाधनों का प्रत्यक्ष उपयोग: आदिम मानव पूरी तरह से स्थानीय वनस्पतियों और जीवों पर निर्भर थे। संग्राहक आसपास के पेड़-पौधों से खाने योग्य पौधे, जामुन, जड़ें और मेवे इकट्ठा करते थे, जबकि शिकारी मांस के लिए जंगली जानवरों का शिकार करते थे।
- आदिम तकनीक: पर्यावरण के साथ उनका संपर्क पत्थर, हड्डी या लकड़ी से बने आदिम औजारों पर आधारित था। उत्पादन का कोई अधिशेष नहीं था; लोग केवल अपनी तात्कालिक आजीविका की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए ही संसाधनों का उपयोग करते थे।
- घुमंतू जीवनशैली: चूंकि संसाधन मौसमी थे, इसलिए कबीले अक्सर एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते रहते थे। वे जानवरों के प्रवास और जंगली फलों के पकने के चक्र के अनुसार पलायन करते थे, जो यह दर्शाता है कि उनका अस्तित्व मानवीय नियंत्रण के बजाय पर्यावरणीय लय द्वारा संचालित था।
- जलवायु के प्रति अनुकूलन: ये समूह अत्यधिक ठंड से लेकर बहुत गर्मी तक, विभिन्न प्रकार की जलवायु में रहते थे। वे जानवरों की खाल या पेड़ों की छाल जैसे बुनियादी सामानों का उपयोग करते थे और प्राकृतिक गुफाओं में शरण लेते थे, जो उनके अपने परिवेश पर निर्भरता को दर्शाता है।
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2025-2026 (March) 64/2/2
