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आबंध वियोजन एन्थैल्पी, इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी तथा जलयोजन एन्थैल्पी जैसे प्राचलों को महत्त्व देते हुए F2 तथा Cl2 की ऑक्सीकारक क्षमता की तुलना कीजिए। - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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प्रश्न

आबंध वियोजन एन्थैल्पी, इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी तथा जलयोजन एन्थैल्पी जैसे प्राचलों को महत्त्व देते हुए F2 तथा Cl2 की ऑक्सीकारक क्षमता की तुलना कीजिए।

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

ऑक्सीकारक क्षमता F2 से Cl2 तक घटती है। जलीय विलयन में हैलोजेनों की ऑक्सीकारक क्षमता वर्ग में नीचे की ओर घटती है (F से Cl तक)। फ्लुओरीन का इलेक्ट्रोड विभव (+287 V) क्लोरीन (+136 V) की तुलना में उच्च होता है, इसलिए F2 क्लोरीन की तुलना में प्रबल ऑक्सीकारक है। इलेक्ट्रोड विभव निम्नलिखित प्राचलों पर निर्भर करता है।

\[\ce{1/2 X2_{(g)} ->[1/2 \Delta_{diss} H^Θ] X_{(g)} ->[\Delta_{eg} H^Θ] X^-_{ (g)} ->[\Delta_{hyd} H^Θ] X^-_{ (aq)}}\]

Δdiss H Δeg H Δhyd H
फ्लुओरीन 158.8 kJ mol−1 −333 kJ mol−1 515 kJ mol−1
क्लोरीन 242.6 kJ mol−1 −349 kJ mol−1 381 kJ mol−1

अत: F प्रबल ऑक्सीकारक है।

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वर्ग 17 के तत्व
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