Advertisement Remove all ads

NCERT solutions for Physics Part 1 and 2 Class 12 [भौतिकी भाग १ व २ कक्षा १२ वीं] chapter 6 - वैद्युतचुंबकीय प्रेरण [Latest edition]

Chapters

Physics Part 1 and 2 Class 12 [भौतिकी भाग १ व २ कक्षा १२ वीं] - Shaalaa.com
Advertisement Remove all ads
Advertisement Remove all ads
Advertisement Remove all ads

Chapter 6: वैद्युतचुंबकीय प्रेरण

अभ्यास
Advertisement Remove all ads
अभ्यास [Pages 229 - 232]

NCERT solutions for Physics Part 1 and 2 Class 12 [भौतिकी भाग १ व २ कक्षा १२ वीं] Chapter 6 वैद्युतचुंबकीय प्रेरण अभ्यास [Pages 229 - 232]

अभ्यास | Q 6.1 - (a) | Page 229

नीचे दिए गए चित्र में वर्णित स्थितियों के लिए प्रेरित धारा की दिशा की प्रागुक्ति कीजिए।

अभ्यास | Q 6.1 - (b) | Page 229

नीचे दिए गए चित्र में वर्णित स्थितियों के लिए प्रेरित धारा की दिशा की प्रागुक्ति कीजिए।

अभ्यास | Q 6.1 - (c) | Page 229

नीचे दिए गए चित्र में वर्णित स्थितियों के लिए प्रेरित धारा की दिशा की प्रागुक्ति कीजिए।


(दाब कुंजी तुरंत बंद करने के बाद स्थिति)

अभ्यास | Q 6.1 - (d) | Page 229

नीचे दिए गए चित्र में वर्णित स्थितियों के लिए प्रेरित धारा की दिशा की प्रागुक्ति कीजिए।

अभ्यास | Q 6.1 - (e) | Page 229

नीचे दिए गए चित्र में वर्णित स्थितियों के लिए प्रेरित धारा की दिशा की प्रागुक्ति कीजिए।

(दाब कुंजी खोलने के तुरंत बाद की स्थिति)

अभ्यास | Q 6.1 - (f) | Page 229

नीचे दिए गए में वर्णित स्थितियों के लिए प्रेरित धारा की दिशा की प्रागुक्ति कीजिए।

अभ्यास | Q 6.2 - (a) | Page 230

नीचे दिए गए चित्र में वर्णित स्थिति के लिए लेंज के नियम का उपयोग करते हुए प्रेरित विद्युत धारा की दिशा ज्ञात कीजिए।

जब अनियमित आकार का तार वृत्ताकार लूप में बदल रहा हो

अभ्यास | Q 6.2 - (b) | Page 230

नीचे दिए गए चित्र में वर्णित स्थिति के लिए लेंज के नियम का उपयोग करते हुए प्रेरित विद्युत धारा की दिशा ज्ञात कीजिए।

जब एक वृत्ताकार लूप एक सीधे तार में विरूपित किया जा रहा हो।

अभ्यास | Q 6.3 | Page 230

एक लम्बी परिनालिका के इकाई सेंटीमीटर लम्बाई में 15 फेरे हैं। उसके अन्दर 2.0 cm का एक छोटा-सा लूप परिनालिका की अक्ष के लम्बवत रखा गया है। यदि परिनालिका में बहने वाली धारा का मान 0.15 में 2.0 A से 40 A कर दिया जाए तो धारा परिवर्तन के समय प्रेरित विद्युत वाहक बल कितना होगा?

अभ्यास | Q 6.4 | Page 230

एक आयताकार लूप जिसकी भुजाएँ 8 cm एवं 2 cm हैं, एक स्थान पर थोड़ा कटा हुआ है। यह लूप अपने तल के अभिलम्बवत 0.3 T के एकसमान चुम्बकीय-क्षेत्र से बाहर की ओर निकल रहा है। यदि लूप के बाहर निकलने का वेग 1 cm s-1 है तो कटे भाग के सिरों पर उत्पन्न विद्युत वाहक बल कितना होगा, जब लूप की गति अभिलम्बवत हो

  1. लूप की लम्बी भुजा के
  2. लूप की छोटी भुजा के। प्रत्येक स्थिति में उत्पन्न प्रेरित वोल्टता कितने समय तक टिकेगी?
अभ्यास | Q 6.5 | Page 230

1.0 m लम्बी धातु की छड़ उसके एक सिरे से जाने वाले अभिलम्बवत अक्ष के परितः 400 rad-s-1 की कोणीय आवृत्ति से घूर्णन कर रही है। छड़ का दूसरा सिरा एक धात्विक वलय से सम्पर्कित है। अक्ष के अनुदिश सभी जगह 0.5 T का एकसमान चुम्बकीय-क्षेत्र उपस्थित है। वलय तथा अक्ष के बीच स्थापित विद्युत वाहक बल की गणना कीजिए।

अभ्यास | Q 6.6 | Page 230

एक वृत्ताकार कुंडली जिसकी त्रिज्या 8.0 cm तथा फेरों की संख्या 20 है अपने ऊर्ध्वाधर व्यास के परितः 50 rad-s- की कोणीय आवृत्ति से 3.0 x 10-2 T के एकसमान चुम्बकीय-क्षेत्र में घूम रही है। कुंडली में उत्पन्न अधिकतम तथा औसत प्रेरित विद्युत वाहक बल का मान ज्ञात कीजिए। यदि कुंडली 10 Ω प्रतिरोध का एक बन्द लूप बनाए तो कुंडली में धारा के अधिकतम मान की गणना कीजिए। जूल ऊष्मन के कारण क्षयित औसत शक्ति की गणना कीजिए। यह शक्ति कहाँ से प्राप्त होती है?

अभ्यास | Q 6.7 | Page 230

पूर्व से पश्चिम दिशा में विस्तृत एक 10 m लम्बा क्षैतिज सीधा तार 0.30 x 10-4 Wbm-2 तीव्रता वाले पृथ्वी के चुम्बकीय-क्षेत्र के क्षैतिज घटक के लम्बवत 5.0 m s-1 की चाल से गिर रहा है।

  1. तार में प्रेरित विद्युत वाहक बल का तात्क्षणिक मान क्या होगा?
  2. विद्युत वाहक बल की दिशा क्या है?
  3. तार का कौन-सा सिरा उच्च विद्युत विभव पर है?
अभ्यास | Q 6.8 | Page 230

किसी परिपथ में 0.1 s में धारा 5.0 A से 0.0 A तक गिरती है। यदि औसत प्रेरित विद्युत वाहक बल 200 V है तो परिपथ में स्वप्रेरकत्व का आकलन कीजिए।

अभ्यास | Q 6.9 | Page 230

पास-पास रखे कुंडलियों के एक युग्म का अन्योन्य प्रेरकत्व 1.5 H है। यदि एक कुंडली । में 0.5 s में धारा 0 से 20 A परिवर्तित हो तो दूसरी कुंडली की फ्लक्स बंधता में कितना परिवर्तन होगा?

अभ्यास | Q 6.10 | Page 230

एक जेट प्लेन पश्चिम की ओर 1800 km/h वेग से गतिमान है। प्लेन के पंख 25 m लम्बे हैं। इनके सिरों पर कितना विभवान्तर उत्पन्न होगा? पृथ्वी के चुम्बकीय-क्षेत्र का मान उस स्थान पर 5 x 10-4 T तथा नति कोण 30° है।

अतिरिक्त अभ्यास

अभ्यास | Q 6.11 | Page 231

मान लीजिए कि प्रश्न 6.4 में उल्लिखित लूप स्थिर है किन्तु चुम्बकीय-क्षेत्र उत्पन्न करने वाले विद्युत चुम्बक में धारा का मान कम किया जाता है जिससे चुम्बकीय-क्षेत्र का मान अपने प्रारम्भिक मान 0.3 T से 0.02 Ts-1 की दर से घटता है। अब यदि लूप का कटा भाग जोड़ दें जिससे प्राप्त बन्द लूप का प्रतिरोध 1.6 Ω हो तो इस लूप में ऊष्मन के रूप में शक्ति ह्रास क्या है? इस शक्ति का स्रोत क्या है?

अभ्यास | Q 6.12 | Page 231

12 cm भुजा वाला वर्गाकार लूप जिसकी भुजाएँ X एवं Y अक्षों के समान्तर हैं, x-दिशा में 8 cm s-1 की गति से चलाया जाता है। लूप तथा उसकी गति का परिवेश धनात्मक दिशा के चुम्बकीय-क्षेत्र का है। चुम्बकीय-क्षेत्र न तो एकसमान है और न ही समय के साथ नियत है। इस क्षेत्र की ऋणात्मक दिशा में प्रवणता 10-3 Tcm-1 है। (अर्थात् ऋणात्मक x-अक्ष की दिशा में इकाई सेंटीमीटर दूरी पर क्षेत्र के मान में 10-3 Tcm-1 की वृद्धि होती है) तथा क्षेत्र के मान में 10-3 Ts-1 की दर से कमी भी हो रही है। यदि कुंडली का प्रतिरोध 4.50 mΩ हो तो प्रेरित धारा का परिमाण एवं दिशा ज्ञात कीजिए।

अभ्यास | Q 6.13 | Page 231

एक शक्तिशाली लाउडस्पीकर के चुम्बक के ध्रुवों के बीच चुम्बकीय-क्षेत्र की तीव्रता के परिमाण का मापन किया जाना है। इस हेतु एक छोटी चपटी 2 cm क्षेत्रफल की अन्वेषी कुंडली (search coil) का प्रयोग किया गया है। इस कुंडली में पास-पास लिपटे 25 फेरे हैं तथा इसे चुम्बकीय-क्षेत्र के लम्बवत व्यवस्थित किया गया है और तब इसे द्रुत गति से क्षेत्र के बाहर निकाला जाता है। तुल्यतः एक अन्य विधि में अन्वेषी कुंडली को 90° से तेजी से घुमा देते हैं जिससे कुंडली का तल चुम्बकीय-क्षेत्र के समान्तर हो जाए। इन दोनों घटनाओं में कुल 7.5 mC आवेश का प्रवाह होता है (जिसे परिपथ में प्रक्षेप धारामापी (ballistic galvanometer) लगाकर ज्ञात किया जा सकता है)। कुंडली तथा धारामापी का संयुक्त प्रतिरोध 0.50 Ω है। चुम्बक की क्षेत्र की तीव्रता का आकंलन कीजिए।

अभ्यास | Q 6.14 | Page 231

नीचे दिए गए चित्र में एक धातु की छड़ PQ को दर्शाया गया है जो पटरियों AB पर रखी है तथा एक स्थायी चुम्बक के ध्रुवों के मध्य स्थित है। पटरियाँ, छड़ एवं चुम्बकीय-क्षेत्र परस्पर अभिलम्बवत दिशाओं में हैं। एक गैल्वेनोमीटर (धारामापी) G को पटरियों से एक स्विच K की सहायता से संयोजित किया गया है। छड़ की लम्बाई = 15 cm, B = 0.50 T तथा पटरियों, छड़ तथा धारामापी से बने बन्द लूप का प्रतिरोध = 9.0 m2 है। क्षेत्र को एकसमान मान लें।

  1. माना कुंजी Kखुली है तथा छड़ 12 cm s-1 की चाल से दर्शायी गई दिशा में गतिमान है। प्रेरित विद्युत वाहक बल का मान एवं ध्रुवणता बताइए।
  2. क्या कुंजी Kखुली होने पर छड़ के सिरों पर आवेश का आधिक्य हो जाएगा? क्या होगा यदि कुंजी K बंद कर दी जाए?
  3. जब कुंजी K खुली हो तथा छड़ एकसमान वेग से गति में हो तब भी इलेक्ट्रॉनों पर कोई परिणामी बल कार्य नहीं करता यद्यपि उन पर छड़ की गति के कारण चुम्बकीय बल कार्य करता है। कारण स्पष्ट कीजिए।
  4. कुंजी बन्द होने की स्थिति में छड़ पर लगने वाले अवमन्दन बल का मान क्या होगा?
  5. कुंजी बन्द होने की स्थिति में छड़ को उसी चाल (= 12 cms-1) से चलाने हेतु कितनी शक्ति (बाह्य कारक के लिए) की आवश्यकता होगी?
  6. बन्द परिपथ में कितनी शक्ति का ऊष्मा के रूप में क्षय होगा? इस शक्ति का स्रोत क्या है?
  7. गतिमान छड़ में उत्पन्न विद्युत वाहक बल का मान क्या होगा यदि चुम्बकीय-क्षेत्र की दिशा पटरियों के लम्बवत होने की बजाय उनके समान्तर हो?
अभ्यास | Q 6.15 | Page 232

वायु के क्रोड वाली एक परिनालिका में, जिसकी लम्बाई 30 cm तथा अनुप्रस्थ काट का कषेत्रफल 25 cm तथा कुल फेरे 500 हैं, 2.5 A धारा प्रवाहित हो रही है। धारा को 10-38 के अल्पकाल में अचानक बन्द कर दिया जाता है। परिपथ में स्विच के खुले सिरों के बीच उत्पन्न औसत विद्युत वाहक बल का मान क्या होगा? परिनालिका के सिरों पर चुम्बकीय क्षेत्र के परिवर्तन की उपेक्षा कर सकते हैं ?

अभ्यास | Q 6.16 | Page 232
  1. चित्र में दर्शाए अनुसार एक लम्बे, सीधे तार तथा एक वर्गाकार लूप जिसकी एक भुजा की लम्बाई a है, के लिए अन्योन्य प्रेरकत्व का व्यंजक प्राप्त कीजिए।
  2. अब मान लीजिए कि सीधे तार में 50 A की धारा प्रवाहित हो रही है तथा लूप एक स्थिर वेग v = 10 m/s से दाईं ओर को गति कर रहा है। लूप में प्रेरित विद्युत वाहक बल का परिकलन चित्र 6.7 उंस क्षण पर कीजिए जब x = 0.2 m हो। लूप के लिए a = 0.1 m लीजिए तथा यह मान लीजिए कि उसका प्रतिरोध बहुत अधिक है।
अभ्यास | Q 6.17 | Page 232

किसी M द्रव्यमान तथा R त्रिज्या वाले एक पहिए के किनारे (rim) पर एक रैखिक आवेश स्थापित किया गया है जिसकी प्रति इकाई लम्बाई पर आवेश का मान 2 है। पहिए के स्पोक (spoke) हल्के एवं कुचालक हैं तथा वह अपनी अक्ष के परितः घर्षण रहित घूर्णन हेतु स्वतन्त्र हैं जैसा कि चित्र में दर्शाया गया है। पहिए के वृत्तीय भाग पर रिम, के अन्दर एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र विस्तरित है। इसे इस प्रकार परिभाषित किया गया है-

B = - B0 k    (r ≤ a; a < R)

= 0  (अन्यथा)

चुम्बकीय-क्षेत्र को अचानक ‘ऑफ (Switched off) करने के पश्चात्, पहिए का कोणीय वेग ज्ञात कीजिए।

Chapter 6: वैद्युतचुंबकीय प्रेरण

अभ्यास
Physics Part 1 and 2 Class 12 [भौतिकी भाग १ व २ कक्षा १२ वीं] - Shaalaa.com

NCERT solutions for Physics Part 1 and 2 Class 12 [भौतिकी भाग १ व २ कक्षा १२ वीं] chapter 6 - वैद्युतचुंबकीय प्रेरण

NCERT solutions for Physics Part 1 and 2 Class 12 [भौतिकी भाग १ व २ कक्षा १२ वीं] chapter 6 (वैद्युतचुंबकीय प्रेरण) include all questions with solution and detail explanation. This will clear students doubts about any question and improve application skills while preparing for board exams. The detailed, step-by-step solutions will help you understand the concepts better and clear your confusions, if any. Shaalaa.com has the CBSE Physics Part 1 and 2 Class 12 [भौतिकी भाग १ व २ कक्षा १२ वीं] solutions in a manner that help students grasp basic concepts better and faster.

Further, we at Shaalaa.com provide such solutions so that students can prepare for written exams. NCERT textbook solutions can be a core help for self-study and acts as a perfect self-help guidance for students.

Concepts covered in Physics Part 1 and 2 Class 12 [भौतिकी भाग १ व २ कक्षा १२ वीं] chapter 6 वैद्युतचुंबकीय प्रेरण are वैद्युतचुंबकीय प्रेरण, फैराडे एवं हेनरी के प्रयोग, चुंबकीय फ्लक्स, फैराडे का प्रेरण का नियम, लेंज का नियम तथा ऊर्जा संरक्षण, गतिक विद्युत वाहक बल, ऊर्जा दृष्टि - एक परिमाणात्मक अध्ययन, भँवर धाराएँ, प्रेरकत्व, अन्योन्य प्रेरकत्व, स्व-प्रेरकत्व, प्रत्यावर्ती धारा जनित्र.

Using NCERT Class 12 [१२ वीं कक्षा] solutions वैद्युतचुंबकीय प्रेरण exercise by students are an easy way to prepare for the exams, as they involve solutions arranged chapter-wise also page wise. The questions involved in NCERT Solutions are important questions that can be asked in the final exam. Maximum students of CBSE Class 12 [१२ वीं कक्षा] prefer NCERT Textbook Solutions to score more in exam.

Get the free view of chapter 6 वैद्युतचुंबकीय प्रेरण Class 12 [१२ वीं कक्षा] extra questions for Physics Part 1 and 2 Class 12 [भौतिकी भाग १ व २ कक्षा १२ वीं] and can use Shaalaa.com to keep it handy for your exam preparation

Advertisement Remove all ads
Share
Notifications

View all notifications


      Forgot password?
View in app×