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NCERT solutions for Hindi - Vasant Part 2 Class 7 CBSE chapter 10 - अपूर्व अनुभव [Latest edition]

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Hindi - Vasant Part 2 Class 7 CBSE - Shaalaa.com

Chapter 10: अपूर्व अनुभव

पाठ सेपाठ से आगेअनुमान और कल्पनाभाषा की बातअतिरिक्त प्रश्न
पाठ से [Page 81]

NCERT solutions for Hindi - Vasant Part 2 Class 7 CBSE Chapter 10 अपूर्व अनुभव पाठ से [Page 81]

पाठ से | Q 1 | Page 81

यासुकी-चान को अपने पेड़ पर चढ़ाने के लिए तोत्तो-चान ने अथक प्रयास क्यों किया? लिखिए।

पाठ से | Q 2 | Page 81

दृढ़ निश्चय और अथक परिश्रम से सफलता पाने के बाद तोत्तो-चान और यासुकी-चान को अपूर्व अनुभव मिला, इन दोनों के अपूर्व अनुभव कुछ अलग-अलग थे। दोनों में क्या अंतर रहे? लिखिए।

पाठ से | Q 3 | Page 81

पाठ में खोजकर देखिए-कब सूरज का ताप यासुकी-चान और तोत्तो-चान पर पड़ रहा था, वे दोनों पसीने से तरबतर हो रहे थे और कब बादल का एक टुकड़ा उन्हें छाया देकर कड़कती धूप से बचाने लगा था। आपके अनुसार इस प्रकार परिस्थिति के बदलने का कारण क्या हो सकता है?

पाठ से | Q 4 | Page 81

'यासुकी-चान के लिए पेड़ पर चढ़ने का यह ______ अंतिम मौका था।'-इस अधूरे वाक्य को पूरा कीजिए और लिखकर बताइए कि लेखिका ने ऐसा क्यों लिखा होगा?

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पाठ से आगे [Page 81]

NCERT solutions for Hindi - Vasant Part 2 Class 7 CBSE Chapter 10 अपूर्व अनुभव पाठ से आगे [Page 81]

पाठ से आगे | Q 1 | Page 81

तोत्तो-चान ने अपनी योजना को बड़ों से इसलिए छिपा लिया कि उसमें जोखिम था, यासुकी-चान के गिर जाने की संभावना थी। फिर भी उसके मन मे यासुकी-चान को पेड़ पर चढ़ाने की दृढ़ इच्छा थी। ऐसी दृढ़ इच्छाएँ बुद्धि और कठोर परिश्रम से अवश्य पूरी हो जाती हैं। आप किस तरह की सफलता के लिए तीव्र इच्छा और बुद्धि का उपयोग कर कठोर परिश्रम करना चाहते हैं?

पाठ से आगे | Q 2 | Page 81

हम अकसर बहादुरी के बड़े-बड़े कारनामों के बारे में सुनते रहते हैं, लेकिन ‘अपूर्व अनुभव’, कहानी एक मामूली बहादुरी और जोखिम की ओर हमारा ध्यान खींचती है। यदि आपको अपने आसपास के संसार में कोई रोमांचकारी अनुभव प्राप्त करना हो तो कैसे प्राप्त करेंगे?

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अनुमान और कल्पना [Pages 81 - 82]

NCERT solutions for Hindi - Vasant Part 2 Class 7 CBSE Chapter 10 अपूर्व अनुभव अनुमान और कल्पना [Pages 81 - 82]

अनुमान और कल्पना | Q 1 | Page 81

अपनी माँ से झूठ बोलते समय तोत्तो-चान की नज़रें नीचे क्यों थीं?

अनुमान और कल्पना | Q 2 | Page 82

यासुकी-चान जैसे शारीरिक चुनौतियों से गुजरने वाले व्यक्तियों के लिए चढ़ने-उतरने की सुविधाएँ हर जगह नहीं होतीं। लेकिन कुछ जगहों पर ऐसी सुविधाएँ दिखाई देती हैं। उन सुविधा वाली जगहों की सूची बनाइए।

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भाषा की बात [Page 82]

NCERT solutions for Hindi - Vasant Part 2 Class 7 CBSE Chapter 10 अपूर्व अनुभव भाषा की बात [Page 82]

भाषा की बात | Q 1 | Page 82

द्विशाखा शब्द द्वि और शाखा के योग से बना है। द्वि का अर्थ है-दो और शाखा का अर्थ है- डाल। द्विशाखा पेड़ के तने का वह भाग है जहाँ से दो मोटी-मोटी डालियाँ एक साथ निकलती हैं। द्वि की भाँति आप त्रि से बननेवाला शब्द त्रिकोण जानते होंगे। त्रि का अर्थ है तीन। इस प्रकार, चार, पाँच, छह, सात, आठ, नौ और दस संख्यावाची संस्कृत शब्द उपयोग में अकसर आते हैं। इन संख्यावाची शब्दों की जानकारी प्राप्त कीजिए और देखिए कि क्या इन शब्दों की ध्वनियाँ अंग्रेज़ी संख्या के नामों से कुछ-कुछ मिलती-जुलती हैं, जैसे – हिंदी-आठ, संस्कृत-अष्ट, अंग्रेज़ी-एट।

भाषा की बात | Q 2 | Page 82

पाठ में ‘ठिठियाकर हँसने लगी’, ‘पीछे से धकियाने लगी’ जैसे वाक्य आए हैं। ठिठियाकर हँसने के मतलब का आप अवश्य अनुमान लगा सकते हैं। ठी-ठी-ठी हँसना या ठठा मारकर हँसना बोलचाल में प्रयोग होता है। इनमें हँसने की ध्वनि के एक खास अंदाज को हँसी का विशेषण बना दिया गया है। साथ ही ठिठियाना और धकियाना शब्द में ‘आना’ प्रत्यय का प्रयोग हुआ है। इस प्रत्यय से फ़िल्माना शब्द भी बन जाता है। ‘आना’ प्रत्यय से बननेवाले चार सार्थक शब्द लिखिए।

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अतिरिक्त प्रश्न

NCERT solutions for Hindi - Vasant Part 2 Class 7 CBSE Chapter 10 अपूर्व अनुभव अतिरिक्त प्रश्न

अतिरिक्त प्रश्न | Q 1

बहुविकल्पी प्रश्न

बच्चे किसे अपनी संपत्ति मानते थे?

  • स्वयं को

  • पेड़ को

  • अपनी जगह को

  • किसी को नहीं

अतिरिक्त प्रश्न | Q 2

बहुविकल्पी प्रश्न

यासुकी-चान को क्या रोग था?

  • पोलियो का

  • पेड़ पर चढ़ने के लिए

  • आपस में मिलने के लिए

  • कहीं चलने के लिए

अतिरिक्त प्रश्न | Q 3

बहुविकल्पी प्रश्न

तोत्तो-चान किस काम को आसान समझ रही थी?

  • यासुकी-चान के साथ खेलना

  • सीढ़ी लाना

  • यासुकी-चान के साथ रहना

  • यासुकी-चान को पेड़ पर चढ़ाना

अतिरिक्त प्रश्न | Q 4

बहुविकल्पी प्रश्न

यासुकी-चान का घर इनमें से कहाँ था?

  • तोमोए में

  • डेनेनवोफु में

  • कुहोन्बसु में

  • हिरोशिमा में

अतिरिक्त प्रश्न | Q 5

बहुविकल्पी प्रश्न

तोत्तो-चान ने अपनी योजना का सच सर्वप्रथम किसे बताया?

  • यासुकी-चान को

  • अपनी माँ को

  • यासुकी-चान की माँ को

  • रॉकी को

अतिरिक्त प्रश्न | Q 6

बहुविकल्पी प्रश्न

तोत्तो-चान यासुकी-चान को पेड़ पर चढ़ाने का कौन-सा तरीका अपना रही थी?

  • धक्के लगाकर

  • हाथ से ऊपर की ओर खींचकर

  • सीढ़ी पर धकियाकर

  • पेड़ के तने पर सरकाकर

अतिरिक्त प्रश्न | Q 7

बहुविकल्पी प्रश्न

दोनों के विशाखा पर पहुँचने पर क्या हुआ?

  • यासुकी-चान ने तोत्तो-चान को धन्यवाद दिया

  • तोतो ने यासुकी-चान का स्वागत किया

  • दोनों हँसने लगे

  • दोनों बतियाने लगे

अतिरिक्त प्रश्न | Q 8

बहुविकल्पी प्रश्न

“यह उसकी हार्दिक इच्छा थी’ वाक्य में हार्दिक शब्द है

  • संज्ञा

  • सर्वनाम

  • विशेषण

  • क्रियाविशेषण

अतिरिक्त प्रश्न | Q 9

तोत्तो-चान ने अपने पेड़ पर चढ़ने का न्योता किसे दिया था?

अतिरिक्त प्रश्न | Q 10

किसी पेड़ को यासुकी-चान निजी संपत्ति क्यों नहीं मानता था?

अतिरिक्त प्रश्न | Q 11

तोत्तो चान के गले में रेल पास क्यों लटक रहा था?

अतिरिक्त प्रश्न | Q 12

बच्चे दूसरे के पेड़ों पर क्यों नहीं चढ़ते थे?

अतिरिक्त प्रश्न | Q 13

यासुकी-चान पेड़ पर क्यों नहीं चढ़ पाता था?

अतिरिक्त प्रश्न | Q 14

तोत्तो-चान को यासुकी-चान कहाँ मिला?

अतिरिक्त प्रश्न | Q 16

तोत्तो-चान को यासुकी-चान कहाँ मिला?

अतिरिक्त प्रश्न | Q 17

तोत्तो-चान सच बताए बिना क्यों नहीं रह सकी।

अतिरिक्त प्रश्न | Q 18

तोत्तो-चान कौन थी? उसकी हार्दिक इच्छा क्या थी?

अतिरिक्त प्रश्न | Q 19

तोत्तो-चान विशाखा पर खड़ी क्या कर रही थी?

अतिरिक्त प्रश्न | Q 19

तोत्तो-चान क्या नहीं समझ पाई?

अतिरिक्त प्रश्न | Q 20

तोत्तो-चान ने यासुकी-चान को ऊपर चढ़ाकर ही दम लिया। इसके लिए उसने क्या-क्या प्रयास किया?

अतिरिक्त प्रश्न | Q 21

पेड़ पर बैठे-बैठे यासुकी-चान और तोत्तो-चान क्या करते रहे?

अतिरिक्त प्रश्न | Q 22

विकलांगों के प्रति हमारी सोच कैसी होनी चाहिए? स्पष्ट कीजिए।

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Chapter 10: अपूर्व अनुभव

पाठ सेपाठ से आगेअनुमान और कल्पनाभाषा की बातअतिरिक्त प्रश्न
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NCERT solutions for Hindi - Vasant Part 2 Class 7 CBSE chapter 10 - अपूर्व अनुभव

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