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CBSE (Commerce) (Hindi Medium) Class 12 [१२ वीं कक्षा] - CBSE Question Bank Solutions

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अलाभकारी संस्थाओं का आशय स्पष्ट कीजिए।

[0.01] अलाभकारी संस्थाओं के लिए लेखांकन
Chapter: [0.01] अलाभकारी संस्थाओं के लिए लेखांकन
Concept: अलाभकारी संस्थाओं का अधं एवं विशेषताएँ

साझेदारी क्या है?

[0.02] साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
Chapter: [0.02] साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
Concept: साझेदारी की प्रकृति

साझेदारी की प्रमुख विशिष्टताओं की व्याख्या करें।

[0.02] साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
Chapter: [0.02] साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
Concept: साझेदारी की प्रकृति

पूँजी निधि क्या है ? इसकी गणना किस प्रकार की जाती है?

[0.01] अलाभकारी संस्थाओं के लिए लेखांकन
Chapter: [0.01] अलाभकारी संस्थाओं के लिए लेखांकन
Concept: अलाभकारी संस्थाओं के अभिलेखों का लेखांकर

अलाभकारी संस्थाओं के द्वारा निम्न मदों के लिए किए जाने वाले व्यवहार को दर्शाएं :

  1. वार्षिक चंदा
  2. विशिष्ट दान
  3. स्थायी परीसंपत्तियों का विक्रय
  4. पुराने साप्ताहिकों/पाक्षिकों का विक्रय
  5. खेलकूद के सामान का विक्रय
  6. आजीवन सदस्य्ता शुल्क
[0.01] अलाभकारी संस्थाओं के लिए लेखांकन
Chapter: [0.01] अलाभकारी संस्थाओं के लिए लेखांकन
Concept: अलाभकारी संस्थाओं के अभिलेखों का लेखांकर

साझेदारी विलेख क्या है? परिभाषा दीजिए।

[0.02] साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
Chapter: [0.02] साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
Concept: साझेदारी विलेख

एक साझेदारी समझौते लिखित में क्यों होना चाहिए।

[0.02] साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
Chapter: [0.02] साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
Concept: साझेदारी विलेख

साझेदारी विलेख में स्पष्ट न होने की स्थिति में, निम्नलिखित से संबंधित नियमों की व्याख्या करें:

  1. लाभ और हानि विभाजन
  2. साझेदारों की पूँजी पर ब्याज
  3. साझेदारों के आहरणों पर ब्याज
  4. साझेदारों के ऋणों पर ब्याज
  5. एक साझेदार का वेतन
[0.02] साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
Chapter: [0.02] साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
Concept: साझेदारी विलेख

भारतीय साझेदारी अधिनियम 1932 के उन प्रमुख प्रावधानों की साझेदारी विलेख में अनुपस्थिति होने की दिशा में लागू होते हैं।

[0.02] साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
Chapter: [0.02] साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
Concept: साझेदारी विलेख

व्याख्या करें की एक साझेदारी समझौते का लिखित में होना क्यों उत्तम माना जाता है।

[0.02] साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
Chapter: [0.02] साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
Concept: साझेदारी विलेख

उन मदों की पहचान कीजिए जिनके संदर्भ में प्रवेश के समय समायोजन किया जाता है।

[0.03] साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदार का प्रवेश
Chapter: [0.03] साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदार का प्रवेश
Concept: साझेदार का प्रवेश

नए साझेदार के प्रवेश पर पुराने साझेदारों के नए लाभ विभाजन अनुपात की गणना क्यों आवश्यक होती है।

[0.03] साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदार का प्रवेश
Chapter: [0.03] साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदार का प्रवेश
Concept: साझेदार का प्रवेश

अ और ब फर्म में साझेदार हैं। लाभ का विभाजन 3 : 2 के अनुपात से करते हैं। वे स को लाभ में 1/4 भाग के लिए साझेदारी में प्रवेश देते हैं। स पूँजी के लिए 30,000 रुपये और ख्याति की आवश्यक राशि रोकड़ में लाता है। फर्म की ख्याति का मूल्यांकन 20,000 रुपये किया गया। नया लाभ विभाजन 2 : 1 : 1 है। अ और ब अपने भाग की राशि को निकाल लेते हैं। रोज़नामचा प्रविष्टियाँ दें।

[0.03] साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदार का प्रवेश
Chapter: [0.03] साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदार का प्रवेश
Concept: साझेदार का प्रवेश

आरती और भारती फर्म में साझेदार है। लाभ का विभाजन 3: 2 के अनुपात में करते हैं। वे सारथी को लाभ में 1/4 भाग के लिए फर्म में प्रवेश देते हैं। सारथी अपनी पूँजी के लिए 50,000 रूपये और 1/4 भाग की ख्याति के लिये 10,000 रुपये लाती है। आरती और भारती की पुस्तकों में ख्याति का मूल्य 5,000 रुपये विद्यमान है। आरती, भारती और सारथी के मध्य का लाभ विभाजन का अनुपात 2: 1: 1 है। नयी फर्म की पुस्तकों में आवश्यक रोज़नामचा प्रविष्टियाँ अभिलेखन करें।

[0.03] साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदार का प्रवेश
Chapter: [0.03] साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदार का प्रवेश
Concept: साझेदार का प्रवेश

एक्स और वाई साझेदार हैं और 4 : 3 के अनुपात में लाभ व हानि का विभाजन करते हैं। वे जैड को लाभ में 1/8 भाग के लिए प्रवेश देते हैं। जैड 20,000 रूपये पूँजी के लिए और 1/8 भाग ख्याति के लिए 7,000 रुपये दर्शाने का निर्णय लेते हैं। एक्स, वाई और जैड की पुस्तकों में रोजनामचा प्रविष्टियाँ करें।

[0.03] साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदार का प्रवेश
Chapter: [0.03] साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदार का प्रवेश
Concept: साझेदार का प्रवेश

अमर और समर एक फर्म में साझेदार हैं और उनका लाभ हानि विभाजन अनुपात 3: 1 है। वे कुँवर को लाभ में 1/4 भाग के लिए प्रवेश देते हैं। कुँवर ख्याति में अपने भाग को नकद लाने में असमर्थ है। कुँवर के प्रवेश पर फर्म की ख्याति 80,000 रुपये पर मूल्यांकित की गई है। कुँवर के प्रवेश पर ख्याति संबंधित रोज़नामचा प्रविष्टि दें।

[0.03] साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदार का प्रवेश
Chapter: [0.03] साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदार का प्रवेश
Concept: साझेदार का प्रवेश

मोहन लाल और सोहन लाल फर्म में साझेदार हैं तथा लाभ व हानि का विभाजन 3 : 2 के अनुपात में करते हैं वे राम लाल को लाभ में 1/4 भाग के लिए प्रवेश देते हैं। यह स्वीकृत हुआ है कि फर्म की ख्याति को गत 4 वर्षों के औसत लाभों के 3 वर्षों के लाभ इस प्रकार हैं: 2013 - 50,000 रुपये, 2014 - 60,000 रुपये, 2015 - 90,000 रूपये, 2016 - 70,000 रुपये। राम लाल ख्याति में अपना भाग लाने में असमर्थ है। रामलाल के प्रवेश पर आवश्यक रोज़नामचा प्रविष्टियाँ दें, जब:

(अ) ख्याति 2,02,500 रुपयों पर पुस्तकों में विद्यमान है। 

(ब) ख्याति पुस्तकों में 2,500 रुपये पर दर्शायी गई है। 

(स) ख्याति पुस्तकों में 2,05,000 रूपये पर दर्शायी गई है।

[0.03] साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदार का प्रवेश
Chapter: [0.03] साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदार का प्रवेश
Concept: साझेदार का प्रवेश

प्राप्ति एवं भुगतान खाते का अर्थ स्पष्ट कीजिए।

[0.01] अलाभकारी संस्थाओं के लिए लेखांकन
Chapter: [0.01] अलाभकारी संस्थाओं के लिए लेखांकन
Concept: प्राप्ति एवं भुगतान खाता

प्राप्ति और भुगतान खाते के उद्देश्य क्या है?

[0.01] अलाभकारी संस्थाओं के लिए लेखांकन
Chapter: [0.01] अलाभकारी संस्थाओं के लिए लेखांकन
Concept: प्राप्ति एवं भुगतान खाता

कथन स्पष्ट कीजिए : "प्राप्ति एवं भुगतान खाता, रोकड़ बही का सारांश है"।

[0.01] अलाभकारी संस्थाओं के लिए लेखांकन
Chapter: [0.01] अलाभकारी संस्थाओं के लिए लेखांकन
Concept: प्राप्ति एवं भुगतान खाता
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