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English Medium Class 5 - CBSE Question Bank Solutions for Hindi (हिंदी)

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Hindi (हिंदी)
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तिब्बत के मंत्री अपने बेटे के भोलेपन से चिंतित रहते थे।

तुम्हारे विचार से वे किन-किन बातों के बारे में सोचकर परेशान होते थे?

[0.01] राख की रस्सी
Chapter: [0.01] राख की रस्सी
Concept: राख की रस्सी

तिब्बत के मंत्री अपने बेटे के भोलेपन से चिंतित रहते थे।

तुम तिब्बत के मंत्री की जगह होती तो क्या उपाय करती?

[0.01] राख की रस्सी
Chapter: [0.01] राख की रस्सी
Concept: राख की रस्सी

"मंत्री ने अपने बेटे को शहर की तरफ रवाना किया।”

मंत्री ने अपने बेटे को शहर क्यों भेजा था?

[0.01] राख की रस्सी
Chapter: [0.01] राख की रस्सी
Concept: राख की रस्सी

"मंत्री ने अपने बेटे को शहर की तरफ रवाना किया।"

उसने अपने बेटे को भेड़ों के साथ शहर में ही क्यों भेजा?

[0.01] राख की रस्सी
Chapter: [0.01] राख की रस्सी
Concept: राख की रस्सी

तुम्हारे घर के बड़े लोग पहले कहाँ रहते थे? घर में पता करो। आस-पड़ोस में भी किसी ऐसे व्यक्ति के बारे में पता करो कि किसी दूसरी जगह जाकर बस गया हो। उनसे बातचीत करो और जानने की कोशिश करो कि क्या वे अपने निर्णय से खुश हैं। क्यों? एक पुरुष, एक महिला और एक बच्चे से बात करो। यह भी पूछो कि उन्होंने वह जगह क्यों छोड़ दी?’

[0.01] राख की रस्सी
Chapter: [0.01] राख की रस्सी
Concept: राख की रस्सी

“जौ’ एक तरह का अनाज है जिसे कई तरह से इस्तेमाल किया जाता है। इसकी रोटी बनाई जाती है, सत्तू बनाया जाता है और सूखा भूनकर भी खाया जाता है। अपने घर में और स्कूल में बातचीत करके कुछ और अनाजों के नाम पता करो।

गेहूँ जौ
______ ______
______ ______
[0.01] राख की रस्सी
Chapter: [0.01] राख की रस्सी
Concept: राख की रस्सी

गेहूँ और जौ अनाज होते हैं और ये तीनों शब्द संज्ञा हैं। ‘गेहूँ’ और ‘जौ’ अलग-अलग किस्म के अनाजों के नाम हैं इसलिए ये दोनों व्यक्तिवाचक संज्ञा हैं और ‘अनाज’ जातिवाचक संज्ञा है। इसी प्रकार ‘रिमझिम’ व्यक्तिवाचक संज्ञा है। और ‘पाठ्यपुस्तक’ जातिवाचक संज्ञा है।

(क) नीचे दी गई संज्ञाओं का वर्गीकरण इन दो प्रकार की संज्ञाओं में करो|

लेह धातु शेरवानी भोजन
ताँबा खिचड़ी शहर वेशभूषा

(ख) ऊपर लिखी हर जातिवाचक संज्ञा के लिए तीन-तीन व्यक्तिवाचक संज्ञाएँ खुद सोचकर लिखो।

[0.01] राख की रस्सी
Chapter: [0.01] राख की रस्सी
Concept: राख की रस्सी

इस लड़की का तो सभी लोहा मान गए। था न सचमुच नहले पर दहला! तुम्हें भी यही करना होगा। तुम ऐसा कोई काम ढूंढो जिसे करने के लिए सूझबूझ की ज़रूरत हो। उसे एक कागज़ में लिखो और तुम सभी अपनी-अपनी चिट को एक डिब्बे में डाल दो। डिब्बे को बीच में रखकर उसके चारों ओर गोलाई में बैठ जाओ। अब एक-एक करके आओ, उस डिब्बे से एक चिट निकालकर पढ़ो और उसके लिए कोई उपाय सुझाओ। जिस बच्चे ने सबसे ज़्यादा उपाय सुझाए वह तुम्हारी कक्षा का ‘बीरबल होगा।

[0.01] राख की रस्सी
Chapter: [0.01] राख की रस्सी
Concept: राख की रस्सी

मंत्री ने बेटे से कहा, “पिछली बार भेड़ों के बाल उतार कर बेचना मुझे जरा भी पसंद नहीं आया।” 

क्या मंत्री को सचमुच यह बात पसंद नहीं आई थी? अपने उत्तर का कारण भी बताओ।

[0.01] राख की रस्सी
Chapter: [0.01] राख की रस्सी
Concept: राख की रस्सी

पहली बार में मंत्री के बेटे ने भेड़ों के बाल बेच दिए और दूसरी बार में भेड़ों के सींग बेच डाले। जिन लोगों ने ये चीजें खरीदी होंगी, उन्होंने भेड़ों के बालों और सींगों का क्या किया होगा? अपनी कल्पना से बताओ।

[0.01] राख की रस्सी
Chapter: [0.01] राख की रस्सी
Concept: राख की रस्सी

नीचे कहानी से कुछ वाक्य दिए गए हैं। इन बातों को तुम किस तरह से कह सकती हो-

चैन से जिंदगी चल रही थी।

[0.01] राख की रस्सी
Chapter: [0.01] राख की रस्सी
Concept: राख की रस्सी

नीचे कहानी से कुछ वाक्य दिए गए हैं। इन बातों को तुम किस तरह से कह सकती हो-

होशियारी उसे छूकर भी नहीं गई थी।

[0.01] राख की रस्सी
Chapter: [0.01] राख की रस्सी
Concept: राख की रस्सी

नीचे कहानी से कुछ वाक्य दिए गए हैं। इन बातों को तुम किस तरह से कह सकती हो-

 मैं इसका हल निकाल देती हूँ।

[0.01] राख की रस्सी
Chapter: [0.01] राख की रस्सी
Concept: राख की रस्सी

नीचे कहानी से कुछ वाक्य दिए गए हैं। इन बातों को तुम किस तरह से कह सकती हो-

उनकी अपनी चालाकी धरी रह गई।

[0.01] राख की रस्सी
Chapter: [0.01] राख की रस्सी
Concept: राख की रस्सी

'लोनपो गार का बेटा होशियार नहीं था।'

‘होशियार’ और ‘चालाक’ में क्या फ़र्क होता है? किस आधार पर किसी को तुम चालाक या होशियार कह | सकती हो? इसी प्रकार ‘भोला’ और ‘बुद्ध के बारे में भी सोचो और कक्षा में चर्चा करो।

[0.01] राख की रस्सी
Chapter: [0.01] राख की रस्सी
Concept: राख की रस्सी

लड़की को तुम ‘समझदार’ कहोगी यो ‘बुद्धिमान’? क्यों?

[0.01] राख की रस्सी
Chapter: [0.01] राख की रस्सी
Concept: राख की रस्सी

कहानी में लोनपोगार के बेटे और लड़की को कोई नाम नहीं दिया गया है। नीचे तिब्बत में क्च्चों के नामकरण के. बारे में बताया गया है। यह परिचय पढ़ो और मनपसंद नाम छाँटकर बेटे और लड़की को कोई नाम दो।
नायिमा, डावा, मिगमार, लाखपा, नुखू, फू दोरजे ये क्या हैं? कोई खाने की चीज या घूमने की जगहों के नाम। जी नहीं, ये हैं तिब्बती बच्चों के कुछ नाम। ये सारे नाम तिब्बत में शुभ माने जाते हैं। ‘नायिमा’ नाम दिया जाता है रविवार को जन्म लेने वाले बच्चों को मानते हैं कि इससे बच्चे को उस दिन के देवता सूरज जैसी शक्ति मिलेगी और जब-जब उसका नाम पुकारा जाएगा, यह शक्ति बढ़ती जाएगी। सोमवार को जन्म लेने वाले बच्चों का नाम ‘डावा’ रखा जाता है। यह लड़का-लड़की दोनों को नाम हो सकता है। तिब्बती भाषा में डावा के दो मतलब होते हैं, सोमवार और चाँद । यानी डावा चाँद जैसी रोशनी फैलाएगी और अँधेरा दूर करेगी। तिब्बत में बुद्ध के स्त्री-पुरुष रूपों पर भी नामकरण करते हैं खासकर दोलमा नाम बहुत मिलता है। यह बुद्ध के स्त्री रूप तारा का ही तिब्बती नाम है।

[0.01] राख की रस्सी
Chapter: [0.01] राख की रस्सी
Concept: राख की रस्सी

“खिचड़ी में अइसन जाड़ा हम पहिले कब्बो ना देखनीं ।”
यहाँ ‘खिचड़ी’ से क्या मतलब निकाल रही हो? ।

[0.02] फ़सलों के त्योहार
Chapter: [0.02] फ़सलों के त्योहार
Concept: फ़सलों के त्योहार

क्या कभी ऐसा हो सकता है कि सूरज बिल्कुल ही न निकले?
अगर ऐसा हो तो ______________________________

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अपने साथियों के साथ बातचीत करके लिखो।

[0.02] फ़सलों के त्योहार
Chapter: [0.02] फ़सलों के त्योहार
Concept: फ़सलों के त्योहार

बाहर देखने से समय का अंदा क्यों नहीं हो रहा था? जिनके पास घड़ी नहीं होती वे समय का अनुमान किस तरह से लगाते हैं?

[0.02] फ़सलों के त्योहार
Chapter: [0.02] फ़सलों के त्योहार
Concept: फ़सलों के त्योहार
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