Science (Hindi Medium) Class 11 [११ वीं कक्षा] - CBSE Question Bank Solutions for Hindi (Core)

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Hindi (Core)
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कहानी का कौन-सा पात्र आपको सर्वाधिक प्रभावित करता हैं और क्यों ?

[0.01] नमक का दारोगा
Chapter: [0.01] नमक का दारोगा
Concept: नमक का दारोगा

'नमक का दारोगा' कहानी में पंडित अलोपीदीन के व्यक्तित्व के कौन से दो पहलू (पक्ष) उभरकर आते हैं?

[0.01] नमक का दारोगा
Chapter: [0.01] नमक का दारोगा
Concept: नमक का दारोगा

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कहानी के लगभग सभी पात्र समाज की किसी-न-किसी सच्चाई को उजागर करते हैं।निम्नलिखित पात्र के संदर्भ में पाठ से उस अंश को उद्धृत करते हुए बताइए कि यह समाज की किस सच्चाई को उजागर करता हैं-

वृद्ध मुंशी 

[0.01] नमक का दारोगा
Chapter: [0.01] नमक का दारोगा
Concept: नमक का दारोगा

कहानी के लगभग सभी पात्र समाज की किसी-न-किसी सच्चाई को उजागर करते हैं।निम्नलिखित पात्र के संदर्भ में पाठ से उस अंश को उद्धृत करते हुए बताइए कि यह समाज की किस सच्चाई को उजागर करता हैं-

वकील

[0.01] नमक का दारोगा
Chapter: [0.01] नमक का दारोगा
Concept: नमक का दारोगा

कहानी के लगभग सभी पात्र समाज की किसी-न-किसी सच्चाई को उजागर करते हैं।निम्नलिखित पात्र के संदर्भ में पाठ से उस अंश को उद्धृत करते हुए बताइए कि यह समाज की किस सच्चाई को उजागर करता हैं-

शहर की भीड़

[0.01] नमक का दारोगा
Chapter: [0.01] नमक का दारोगा
Concept: नमक का दारोगा

निम्न पंक्तियों को ध्यान से पढ़िए- नौकरी में ओहदे की ओर ध्यान मत देना, यह तो पीरका मज़ार है। निगाह चढ़ावे और चादर पर रखनी चाहिए। ऐसा काम ढूँढ़ना जहाँ कुछ ऊपरी आय हो। मासिक वेतन तो पूर्णमासी का चाँद है जो एक दिन दिखाई देता है और घटते-घटते लुप्त हो जाता है। ऊपरी आय बहता हुआ स्रोत हैं जिससे सदैव प्यास बुझती है। वेतन मनुष्य देता है, इसी से उसमें वृद्धि नहीं होती। ऊपरी आमदनी ईश्वर देता है, इसीसे उसकी बरकत होती है, तुम स्वयं विद्वान हो, तुम्हें क्या समझाऊँ।

(क) यह किसकी उक्ति है? 

(ख) मासिक वेतन को पूर्णमासी का चाँद क्यों कहा गया है?

(ग) क्या आप एक पिता के इस वक्तव्य से सहमत हैं?

[0.01] नमक का दारोगा
Chapter: [0.01] नमक का दारोगा
Concept: नमक का दारोगा

“नमक का दारोगा' कहानी के कोई दो अन्य शीर्षक बताते हुए उसके आधार को भी स्पष्ट कीजिए।

[0.01] नमक का दारोगा
Chapter: [0.01] नमक का दारोगा
Concept: नमक का दारोगा

कहानी के अंत में अलोपीदीन के वंशीधर को मैनेजर नियुक्त करने के पीछे क्या कारण हो सकते हैं? तर्क सहित उत्तर दीजिए। आप इस कहानी का अंत किस प्रकार करते? 

[0.01] नमक का दारोगा
Chapter: [0.01] नमक का दारोगा
Concept: नमक का दारोगा

दारोगा वंशीधर गैरकानूनी कार्यों की वजह से पंडित अलोपीदीन को गिरफ्तार करता है, लेकिन कहानी के अंत में इसी पंडित अलोपीदीन की सहदयता पर मुग्ध होकर उसके यहाँ मैनेजर की नौकरी को तैयार हो जाता है। आपके विचार से वंशीधर का ऐसा करना उचित था? आप उसकी जगह होते तो क्या करते?

[0.01] नमक का दारोगा
Chapter: [0.01] नमक का दारोगा
Concept: नमक का दारोगा

नमक विभाग के दारोगा पद के लिए बड़ों-बड़ों का जी ललचाता था। वर्तमान समाज में ऐसा कौन-सा पद होगा जिसे पाने के लिए लोग लालायित रहते होंगे और क्यों?

[0.01] नमक का दारोगा
Chapter: [0.01] नमक का दारोगा
Concept: नमक का दारोगा

अपने अनुभवों के आधार पर बताइए कि जब आपके तरकों ने आपके भ्रम को पुष्ट किया हो।

[0.01] नमक का दारोगा
Chapter: [0.01] नमक का दारोगा
Concept: नमक का दारोगा

पढ़ना-लिखना सब अकारथ गया। वृद्ध मुंशी जी द्वारा यह बात एक विशिष्ट संदर्भ में कही गई थी। अपने निजी अनुभव के आधार पर बताइए-

जब आपको पढ़ना-लिखना व्यर्थ लगा हो।

[0.01] नमक का दारोगा
Chapter: [0.01] नमक का दारोगा
Concept: नमक का दारोगा

पढ़ना-लिखना सब अकारथ गया। वृद्ध मुंशी जी द्वारा यह बात एक विशिष्ट संदर्भ में कही गई थी। अपने निजी अनुभव के आधार पर बताइए-

जब आपको पढ़ना-लिखना सार्थक लगा हो।

[0.01] नमक का दारोगा
Chapter: [0.01] नमक का दारोगा
Concept: नमक का दारोगा

पढ़ना-लिखना सब अकारथ गया। वृद्ध मुंशी जी द्वारा यह बात एक विशिष्ट संदर्भ में कही गई थी। अपने निजी अनुभव के आधार पर बताइए-

“पढ़ना-लिखना' को किस अर्थ में प्रयुक्त किया गया होगा:

साक्षरता अथवा शिक्षा? (क्या आप इन दोनों को समान मानते हैं?)

[0.01] नमक का दारोगा
Chapter: [0.01] नमक का दारोगा
Concept: नमक का दारोगा

लड़कियाँ हैं, वह घास-फूस की तरह बढ़ती चली जाती हैं। वाक्य समाज में लड़कियों की स्थिति की किस वास्तविकता को प्रकट करता है?

[0.01] नमक का दारोगा
Chapter: [0.01] नमक का दारोगा
Concept: नमक का दारोगा

इसलिए नहीं कि अलोपीदीन ने क्यों यह कर्म किया बल्कि इसलिए कि वह कानून केपंजे में कैसे आए। ऐसा मनुष्य जिसके पास असाध्य साधन करनेवाला धन और अनन्य वाचालता हो, वह क्यों कानून के पंजे में आए। प्रत्येक मनुष्य उनसे सहानुभूति प्रकट करता था। अपने आस-पास अलोपीदीन जैसे व्यक्तियों को देखकर आपकी क्या प्रतिक्रिया होगी? उपर्युक्त टिप्पणी को ध्यान में रखते हुए लिखें।

[0.01] नमक का दारोगा
Chapter: [0.01] नमक का दारोगा
Concept: नमक का दारोगा

नौकरी में ओहदे की ओर ध्यान मत देना, यह तो पीर की मज़ार है। निगाह चढ़ावे और चादर पर रखनी चाहिए।

[0.01] नमक का दारोगा
Chapter: [0.01] नमक का दारोगा
Concept: नमक का दारोगा

इस विस्तृत संसार में उनके लिए धैर्य अपना मित्र, बुद्धि अपनी पथप्रदर्शक और आत्मावलंबन ही अपना सहायक था।

[0.01] नमक का दारोगा
Chapter: [0.01] नमक का दारोगा
Concept: नमक का दारोगा

तर्क ने भ्रम को पुष्ट किया।

[0.01] नमक का दारोगा
Chapter: [0.01] नमक का दारोगा
Concept: नमक का दारोगा

न्याय और नीति सब लक्ष्मी के ही खिलौने हैं, इन्हें वह जैसे चाहती हैं, नचाती हैं।

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Chapter: [0.01] नमक का दारोगा
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