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‘सुख की व्याख्या बदल गई है’ के माध्यम से लेखक क्या कहना चाहता है?अथवा‘उपभोक्तावाद की संस्कृति’ पाठ के आधार पर बताइए कि कौन-सी बात सुख बनकर रह गई है? - Hindi Course - A

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One Line Answer

‘सुख की व्याख्या बदल गई है’ के माध्यम से लेखक क्या कहना चाहता है?
अथवा
‘उपभोक्तावाद की संस्कृति’ पाठ के आधार पर बताइए कि कौन-सी बात सुख बनकर रह गई है?

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Solution

पहले लोगों को त्याग, परोपकार तथा अच्छे कार्यों से मन को जो सुख-शांति मिलती थी उसे सुख मानते थे, पर आज विभिन्न वस्तुओं और भौतिक साधनों के उपभोग को सुख मानने लगे हैं।

Concept: गद्य (Prose) (Class 9 A)
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APPEARS IN

NCERT Class 9 Hindi - Kshitij Part 1
Chapter 3 उपभोक्तावाद की संस्कृति
अतिरिक्त प्रश्न | Q 1
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