Maharashtra State BoardHSC Science (General) 11th
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रूपक के आधार पर प्रेमचंद जी की साहित्यिक विशेषताएँ लिखिए। - Hindi

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Short Note

रूपक के आधार पर प्रेमचंद जी की साहित्यिक विशेषताएँ लिखिए।

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Solution

युग प्रवर्तक प्रेमचंद जी के साहित्य में तत्कालीन समाज और इतिहास बोलता है। इनकी रचनाएँ ग्रामीण जीवन की झाँकियों से ओतप्रोत है। उसमें शिक्षा, शोषण, शोक, हर्ष, मोह, लिप्सा का अत्यंत सजीव चित्रण हुआ है। इनका दृष्टिकोण सर्वत्र मानवतावादी था। प्रेमचंद जी की शैली अत्यंत आकर्षक तथा मार्मिक है। अपने उपन्यासों में उन्होंने मजदूर और किसान से लेकर पूँजीपतियों तक के ऐसे स्वाभाविक चित्र उपस्थित किए हैं कि समाज का वास्तविक रूप सामने आ जाता है। समाज-सुधार संबंधी समस्याओं को सामने रखकर उन्होंने इनका सही हल खोजने का प्रयत्न किया है मुंशी प्रेमचंद एक क्रांतिकारी लेखक थे। प्रेमचंद शताब्दियों से पद-दलित, अपमानित और निष्पोषित कृषकों की आवाज थे, पर्दे में कैद, पद पद पर लांछित और असहाय नारी जाति की महिमा के जबरदस्त वकील थे। गरीबों और बेकसों के मसीहा थे।

Concept: गद्य (Prose) (11th Standard)
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APPEARS IN

Balbharati Hindi - Yuvakbharati 11th Standard HSC Maharashtra State Board
Chapter 6 कलम का सिपाही
पाठ पर आधारित लघूत्तरी प्रश्न | Q 1 | Page 33
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