लेखक अपने जूते को अच्छा नहीं मानता वह अच्छा दिखता है, क्यों? - Hindi Course - A

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Short Note

प्रेमचंद का जूता फटने के प्रति लेखक ने क्या-क्या आशंका प्रकट की है?

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Solution

प्रेमचंद का जूता फटने के प्रति लेखक ने दो आशंकाएँ प्रकट की हैं-

  • बनिए के तगादे से बचने के लिए मील-दो मील का चक्कर प्रतिदिन लगाकर घर पहुँचना।
  • सदियों से परत दर परत जमी किसी चीज़ पर ढोकर मार-मारकर जूता फाड़ लेना।
Concept: गद्य (Prose) (Class 9 A)
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Chapter 6: प्रेमचंद के फटे जूते - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

NCERT Class 9 Hindi - Kshitij Part 1
Chapter 6 प्रेमचंद के फटे जूते
अतिरिक्त प्रश्न | Q 8

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