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निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-साँस थमती गई, नब्ज़ जमती गईफिर भी बढ़ते कदम को न रुकने दिया - Hindi Course - B

Short Note

निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
साँस थमती गई, नब्ज़ जमती गई
फिर भी बढ़ते कदम को न रुकने दिया

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Solution

भाव-इन पंक्तियों का भाव यह है कि हमारे वीर सैनिक देश रक्षा के लिए दिए गए अपने वचन का पालन अपने जीवन के अंतिम क्षण तक करते रहे युद्ध में घायल इन सैनिकों को अपने प्राणों की जरा भी परवाह नहीं की। उनकी साँसें भले ही रुकने लगीं तथा भयंकर सर्दी के कारण उनकी नब्ज़ चाहे जमती चली गई किंतु किसी भी परिस्थिति में उनके इरादे डगमगाए नहीं। भारत माँ की रक्षा के लिए उनके बढ़ते कदम न तो पीछे हटे और न ही रुके। वे अपनी अंतिम साँस तक शत्रुओं का मुकाबला करते रहे।

Concept: पद्य (Poetry) (Class 10 B)
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APPEARS IN

NCERT Hindi - Sparsh Part 2 Class 10 CBSE
Chapter 1.8 कर चले हम फ़िदा
प्रश्न-अभ्यास (ख) | Q 1 | Page 44
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