Maharashtra State BoardHSC Arts 11th
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नई कविता का भाव तथा भाषाई विशेषताओं के आधार पर रसास्वादन कीजिए। - Hindi

Answer in Brief

नई कविता का भाव तथा भाषाई विशेषताओं के आधार पर रसास्वादन कीजिए।

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Solution

 'सहज स्वीकारा है' प्रयोगवादी काव्यधारा के प्रतिनिधि कवि गजानन माधव मुक्तिबोध' की भूरी-भूरी खाक धूल काव्यसंग्रह में संकलित है। गजानन जी की भाषा उत्कृष्ट है। भावों के अनुरूप शब्द गढ़ना और उसका परिष्कार करके उसे भाषा में प्रयोग करना भाषा सौंदर्य की अद्भुत विशेषता है। कविता में भावों के अनुकूल तत्सम शब्दावली युक्त खड़ी बोली में सशक्त अभिव्यक्ति है। मुक्तिबोध ने शुद्ध साहित्यिक शब्दों के साथ उर्दू, अरबी और फारसी के शब्दों का भी प्रयोग किया है। जैसे जिंदगी, दिल, लापता, सहारा आदि। काव्य की रचना मुक्तक छंद में की गई है। कविता में लाक्षणिकता और चित्रात्मकता का गण विद्यमान है।
विभिन्न अलंकारों के प्रयोग से कविता सुंदर बन पड़ी है। जैसे
अनुप्रास अलंकार - गरबीली गरीबी, विचार-वैभव, अंधकार-अमावस्या, छटपटाती छाती।
उपमा अलंकार - होता-सा लगता है. होता-सा संभव है।
रूपक अलंकार - विचार-वैभव।
पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार - पल-पल, मौलिक है – मौलिक है, भर-भर।
मानवीकरण अलंकार - कोमलता और मानवता का मानवीकरण।
विरोधाभास अलंकार - जितना उड़ेलता हूँ, भर-भर फिर आता है, आदि।
'दिल में क्या झरना है' में प्रश्नात्मक शैली का सुंदर प्रयोग है।
नई कविता में समाज में विषमता भोग रहा व्यक्तित्व अपने
आपको सुरक्षित करने के लिए प्रयोगशील दिखाई देता है। इन
कविताओं में जीवन की विसंगतियों, जीवन संघर्ष तथा समाज जीवन
के बदलाव के साथ आई हुई तत्कालीन समस्याओं का यथार्थ चित्रण
इन कविताओं में दिखाई देता है।

Concept: पद्य (Poetry) (11th Standard)
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APPEARS IN

Balbharati Hindi - Yuvakbharati 11th Standard HSC Maharashtra State Board
Chapter 12 सहर्ष स्वीकारा है
रसास्वादन | Q 1 | Page 63
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