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‘मनुष्य केस्वार्थ केकारण रिश्तों मेंआई दूरी’, इसपर अपना मंतव्य लिखिए । - Hindi

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Short Note

‘मनुष्य केस्वार्थ केकारण रिश्तों मेंआई दूरी’, इसपर अपना मंतव्य लिखिए ।

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Solution

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। रिश्ते सामाजिक संबंधों का आधार हैं। संस्कारों की कमी, निहित स्वार्थ और भौतिकवादी सोच व्यक्ति को क्रूर बना रहे हैं। पैसों की होड़, मनुष्य के निजी स्वार्थ के कारण पारिवारिक रिश्तों में काफी गिरावट आई है। दो लोगों के बीच में पारस्परिक हितों का होना, बनना और बढ़ना रिश्तों को न केवल जन्म देता है, बल्कि एक मजबूत नींव भी प्रदान करता है। जैसे ही पारस्परिक हित निजी हित या स्वार्थ में बदल जाता है रिश्तों में ग्रहण लगना शुरू हो जाता है। पारस्परिक हित में अपने हित के साथ-साथ दूसरे के हित का भी समान रूप से ध्यान रखा जाता है।

Concept: गद्य (Prose) (12th Standard)
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APPEARS IN

Balbharati Hindi - Yuvakbharati 12th Standard HSC Maharashtra State Board
Chapter 11 कोखजाया
पाठ पर आधारित लघूत्तरी प्रश् | Q 2 | Page 62
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