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मैना की अंतिम इच्छा थी कि वह उस प्रासाद के ढेर पर बैठकर जी भरकर रो ले लेकिन पाषाण दय वाले जनरल ने किस भय से उसकी इच्छा पूर्ण न होने दी? - Hindi Course - A

Short Note

मैना की अंतिम इच्छा थी कि वह उस प्रासाद के ढेर पर बैठकर जी भरकर रो ले लेकिन पाषाण दय वाले जनरल ने किस भय से उसकी इच्छा पूर्ण न होने दी?

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Solution

मैना के प्रार्थना करने पर भी जनरल ने उसे अपने प्रसाद के ढ़ेर पर रोने भी नहीं दिया, क्योंकि नाना साहब अंग्रेज़ी सरकार के दोषी थे और उनके किसी भी साथी या रिश्तेदार को छोड़ना भविष्य के लिए खतरनाक सिद्ध हो सकता था। अंग्रेज़ों को भविष्य के इस खतरे से भय था।

Concept: गद्य (Prose) (Class 9 A)
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APPEARS IN

NCERT Hindi - Kshitij Part 1 Class 9 CBSE
Chapter 5 नाना साहब की पुत्री देवी मैना को भस्म कर दिया गया
प्रश्न अभ्यास | Q 4 | Page 55
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