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मैं लरजकर बोला, मुद्राएँ आप मेरे मुख पर देख लीजिए, वे खड़े होकर कुछ सोचने लगे फिर शयनकक्ष में घुस गए - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

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Answer in Brief

निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

मैं लरजकर बोला,
मुद्राएँ आप मेरे मुख पर देख लीजिए,
वे खड़े होकर कुछ सोचने लगे
फिर शयनकक्ष में घुस गए
और फटे हुए तकिये की रूई नोचने लगे
उन्होंने टूटी अलमारी को खोला
रसोई की खाली पीपियों को टटोला
बच्चों की गुल्लक तक देख डाली
पर सब में मिला एक ही तत्त्व खाली .......
कनस्तरों को, मटकों को ढूँढ़ा सब में मिला शून्य-ब्रह्मांड

1. आकृति पूर्ण कीजिए: (2)

2. पद्यांश से ढूँढ़कर लिखिए: (1)

i. ऐसे शब्द जिनका अर्थ निम्न शब्द हो:

  1. टीन का पीप - ______
  2. कमरा - ______

ii. वचन परिवर्तन करके वाक्य फिर से लिखिए: (1)
उन्होंने टूटी अलमारी को खोला।
________________________

3. अंतिम चार पंक्तियों का सरल अर्थ २५ से ३० शब्दों में लिखिए। (2)

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Solution

1.

2. पद्यांश से ढूँढ़कर लिखिए:

i. ऐसे शब्द जिनका अर्थ निम्न शब्द हो:

  1. टीन का पीप - कनस्तर
  2. कमरा - शयनकक्ष

ii. उन्होंने टूटी अलमारियों को खोला।

3. घर में तलाशी लेने आए छापामार रसोईघर की खाली पीपियों और बच्चों की गुल्लक की तलाशी लेने लगे, परंतु ये सारी वस्तुएँ भी उन्हें खाली ही मिलीं। कनस्तरों व मटकों में भी ढ़ूँढ़ने पर कुछ भी नहीं मिला।

Concept: पद्य (10th Standard)
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