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लिखिए : निम्नलिखित हाइकु द्‌वारा मिलने वाला संदेश करते जाओ पाने की मत सोचो जीवन सारा। भीतरी कुंठा नयनों के द्‌वार से आई बाहर। - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

Short Note

लिखिए :

निम्नलिखित हाइकु द्‌वारा मिलने वाला संदेश
करते जाओ पाने की मत सोचो जीवन सारा। भीतरी कुंठा नयनों के द्‌वार से आई बाहर।
______ ______
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Solution

करते जाओ पाने की मत सोचो जीवन सारा ।

भीतरी कुंठा नयनों के द्वार से आई बाहर। 

हमें पूरा जीवन काम करते रहना चाहिए। यह नहीं सोचते रहना चाहिए कि हमें क्या प्राप्त होगा।

जब नेत्रों से अश्रु बहते हैं तो यह मानना चाहिए कि मन की कुंठा नयन रूपी द्वार से बाहर आ रही है।

Concept: पूरक पठन (10th Standard)
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