लेखक को किताबें पढ़ने और सहेजने का शौक कैसे लगा? - Hindi Course - B

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Short Note

लेखक को किताबें पढ़ने और सहेजने का शौक कैसे लगा?

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Solution

लेखक के पिता नियमित रुप से पत्र-पत्रिकाएँ मँगाते थे। लेखक के लिए खासतौर पर दो बाल पत्रिकाएँ 'बालसखा' और 'चमचम' आती थीं। इनमें राजकुमारों, दानवों, परियों आदि की कहानियाँ और रेखाचित्र होते थे। इससे लेखक को पत्रिकाएँ पढ़ने का शौक लग गया। जब वह पाँचवीं कक्षा में प्रथम आया, तो उसे इनाम स्वरूप दो अंग्रेज़ी की पुस्तकें प्राप्त हुईं। पिताजी ने उन किताबों को सहेजकर रखने की प्रेरणा दी। यहाँ से लेखक का निजी पुस्तकालय बनना आरंभ हुआ।

Concept: गद्य (Prose) (Class 9 B)
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Chapter 4: मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय - बोध प्रश्न [Page 34]

APPEARS IN

NCERT Class 9 Hindi - Sanchayan Part 1
Chapter 4 मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय
बोध प्रश्न | Q 4 | Page 34
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