लेखक को ऐसा क्यों लगने लगा कि अतिथि सदैवृ देवता ही नहीं होते? - Hindi Course - B

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Short Note

लेखक को ऐसा क्यों लगने लगा कि अतिथि सदैवृ देवता ही नहीं होते?

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Solution

लेखक ने देखा कि उसके यहाँ आने वाले अतिथि उसकी परेशानी को देखकर भी अनदेखा कर रहा है और उस पर बोझ बनता जा रहा है। चार दिन बीत जाने के बाद भी वह अभी जाना नहीं चाहता है जबकि देवता दर्शन देकर लौट जाते हैं। वे इतना दिन नहीं ठहरते। इसके अलावा वे मनुष्य को दुखी नहीं करते तथा उसकी हर परेशानी का ध्यान रखते हैं। अपने | घर आए अतिथि का ऐसा व्यवहार देखकर लेखक को लगने लगता है कि हर अतिथि देवता नहीं होता है।

Concept: गद्य (Prose) (Class 9 B)
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Chapter 3: शरद जोशी - तुम कब जाओगे, अतिथि - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

NCERT Class 9 Hindi - Sparsh Part 1
Chapter 3 शरद जोशी - तुम कब जाओगे, अतिथि
अतिरिक्त प्रश्न | Q 16

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