लेखक और अतिथि के बीच सौहार्द अब बोरियत का रूप किस तरह लेने लगा था? - Hindi Course - B

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Short Note

लेखक और अतिथि के बीच सौहार्द अब बोरियत का रूप किस तरह लेने लगा था?

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Solution

अतिथि जब लेखक के यहाँ चौथे दिन भी रुका रह गया तो लेखक के मन में जैसा उत्साह और रुचि थी वह सब समाप्त हो गया। उसने विविध विषयों पर बातें कर लिया था। अब और बातों का विषय शेष न रह जाने के कारण दोनों के बीच चुप्पी छाई थी। यह चुप्पी अब सौहार्द की जगह बोरियत का रूप लेती जा रही थी।

Concept: गद्य (Prose) (Class 9 B)
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Chapter 3: शरद जोशी - तुम कब जाओगे, अतिथि - अतिरिक्त प्रश्न

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NCERT Class 9 Hindi - Sparsh Part 1
Chapter 3 शरद जोशी - तुम कब जाओगे, अतिथि
अतिरिक्त प्रश्न | Q 9

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