Advertisement Remove all ads

एक पत्र छाँह भी माँग मत’ कवि ने ऐसा क्यों कहा है? - Hindi Course - B

Advertisement Remove all ads
Advertisement Remove all ads
Short Note

एक पत्र छाँह भी माँग मत’ कवि ने ऐसा क्यों कहा है?

Advertisement Remove all ads

Solution

‘एक पत्र छाँह’ अर्थात् एक पत्ते की छाया जीवन पथ पर संघर्षपूर्वक बढ़ रहे व्यक्ति के पथ में आने वाले कुछ सुखमय पल है। इनका सहारा पाकर मनुष्य कुछ देर और आराम करने का मन बना लेता है। इससे वह गतिहीन हो जाता है। यह गतिहीनता उसकी सफलता प्राप्ति के लिए बाधक सिद्ध हो जाती है। इस गतिहीन अवस्था से उठकर पसीने से लथपथ होकर संघर्ष करना, कठिनाइयों से जूझना कठिन हो जाता है। इससे व्यक्ति सफलता से दूर होता जाता है। इसलिए कवि एक पत्र छाँह भी माँगने से मना करता है।

Concept: पद्य (Poetry) (Class 9 B)
  Is there an error in this question or solution?
Advertisement Remove all ads

APPEARS IN

NCERT Class 9 Hindi - Sparsh Part 1
Chapter 12 हरिवंशराय बच्चन - अग्नि पथ
अतिरिक्त प्रश्न | Q 10
Advertisement Remove all ads
Share
Notifications

View all notifications


      Forgot password?
View in app×