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'औरतों के परदे में अलग-थलग रहने से सामाजिक जीवन के विकास में रूकावट आई।' कैसे? - Hindi

Answer in Brief

'औरतों के परदे में अलग-थलग रहने से सामाजिक जीवन के विकास में रूकावट आई।' कैसे?

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Solution

परदा प्रथा ने औरतों के विकास को पूर्णत: समाप्त ही कर दिया था। माना जाता है इस प्रथा का विकास मुगल-काल से आरंभ हुआ था। आरंभ में तो इसे सिर्फ़ आदर भाव के रूप में लिया गया था जो सिर्फ़ बड़े राजघरानों व मुगलघरानों तक सीमित था। परन्तु धीरे-धीरे इस प्रथा ने पूरे समाज में अपनी जड़ पकड़ ली। परिणामस्वरूप औरतों की स्थिति समाज में दयनीय हो गई। इससे उनके सामाजिक जीवन के विकास में रूकावटें आनी आरंभ हो गई।

औरतें जहाँ पहले सामाजिक कार्यों में सहजता पूर्वक भाग ले पाती थीं अब वह इस प्रथा पर दबकर रह गईं। उनका पुरूषों के आगे बिना पर्दे के आना बुरा माना जाने लगा जिसने उनकी स्वतंत्रता पर अंकुश लगा दिया और उसे समाज से काट कर अलग कर दिया गया। उनकी शिक्षा पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ा। अब उन्हें पर्दे में ही रहने की हिदायतें लागू हो गई, कारणवश वह शिक्षा प्राप्त करने के लिए बाहर जाने से रोक दी गई। इसके फलस्वरूप वह अशिक्षित रह गईं। समाज में सिर्फ़ पुरूषों को ही शिक्षा प्राप्त करने की आज़ादी प्राप्त थी। इससे उनके मानसिक विकास का भी ह्रास हुआ। अब उनकी प्रतिभा व्यंजनों को पकाने व घर के साजों-समान को बनाने तक सीमित रह गई। उनकी प्रतिभा का सही विकास नहीं हो पाया। फलस्वरूप उनके सामाजिक जीवन के विकास में पर्दा प्रथा सबसे बड़ी रूकावट बनी।

Concept: गद्य (Prose) (Class 8)
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APPEARS IN

NCERT Hindi - Bharat Ki Khoj Class 8 CBSE
Chapter 1 भारत की खोज
प्रश्न अभ्यास | Q 17 | Page 128
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