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ऑक्सीकारी फॉस्फोरिलीकरण क्या है? - Biology (जीव विज्ञान)

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Answer in Brief

ऑक्सीकारी फॉस्फोरिलीकरण क्या है? 

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Solution

ऑक्सीकारी फॉस्फोरिलीकरण ऑक्सीश्वसन क्रिया के विभिन्न चरणों में मुक्त हाइड्रोजन आयन्स (2H+) को हाइड्रोजनग्राही NAD या FAD ग्रहण करके अपचयित होकर NAD.2H या FAD.2H बनाता है। प्रत्येक NAD.2H अणु से दो इलेक्ट्रॉन (2e) तथा दो हाइड्रोजन परमाणुओं (2H+) के निकलकर ऑक्सीजन तक पहुँचने के क्रम में तीन और FAD.2H से दो ATP अणुओं का संश्लेषण होता है। ETS के अन्तर्गत इलेक्ट्रॉन परिवहन के फलस्वरूप मुक्त ऊर्जा ADP + Pi → ATP क्रिया द्वारा ATP में संचित हो जाती है। प्रत्येक ATP अणु बनने में प्राणियों में 7:3 kcal और पौधों में 10-12 kcal ऊर्जा संचय होती है। यह क्रिया फॉस्फोरिलीकरण कहलाती है, क्योंकि श्वसन क्रिया में यह क्रिया O2 की उपस्थिति में होती है; अतः इसे ऑक्सीकारी फॉस्फोरिलीकरण कहते हैं।

 

माइटोकॉन्ड्रिया में ATP संश्लेषण का चित्रात्मक प्रदर्शन |

Concept: ऑक्सी श्वसन (साँस) - इलेक्ट्रॉन परिवहन तंत्र अथवा ऑक्सीकरण फॉस्फोरिलिकरण
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APPEARS IN

NCERT Biology Class 11 [जीव विज्ञान ११ वीं कक्षा]
Chapter 14 पादप में श्वसन
अभ्यास | Q 11. | Page 238
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