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Social Science (सामाजिक विज्ञान) Hindi Medium Class 10 [कक्षा १०] CBSE Syllabus 2026-27

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CBSE Class 10 [कक्षा १०] Social Science (सामाजिक विज्ञान) Syllabus - Free PDF Download

CBSE Syllabus 2026-27 Class 10 [कक्षा १०]: The CBSE Class 10 [कक्षा १०] Social Science (सामाजिक विज्ञान) Syllabus for the examination year 2026-27 has been released by the Central Board of Secondary Education, CBSE. The board will hold the final examination at the end of the year following the annual assessment scheme, which has led to the release of the syllabus. The 2026-27 CBSE Class 10 [कक्षा १०] Social Science (सामाजिक विज्ञान) Board Exam will entirely be based on the most recent syllabus. Therefore, students must thoroughly understand the new CBSE syllabus to prepare for their annual exam properly.

The detailed CBSE Class 10 [कक्षा १०] Social Science (सामाजिक विज्ञान) Syllabus for 2026-27 is below.

Academic year:

CBSE Class 10 [कक्षा १०] Social Science (सामाजिक विज्ञान) Revised Syllabus

CBSE Class 10 [कक्षा १०] Social Science (सामाजिक विज्ञान) Course Structure 2026-27 With Marking Scheme

#Unit/TopicMarksMarks
with
options
1  भारत और समकालीन विश्व - २20 
🞽खण्ड I : घटनाएँ और प्रक्रियाएँ--
1.1  यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय  
1.2  भारत में राष्ट्रवाद  
🞽खण्ड II : जीविका, अर्थव्यवस्था एवं समाज--
1.3  भूमंडलीकृत विश्व का बनना  
1.4  औद्योगीकरण का युग  
🞽खण्ड III : रोज़ाना की ज़िंदगी, संस्कृति और राजनीति--
1.5  मुद्रण संस्कृति और आधुनिक दुनिया  
2  समकालीन भारत - २20 
2.1  संसाधन एवं विकास  
2.2  वन और वन्य जीव संसाधन  
2.3  जल संसाधन  
2.4  कृषि  
2.5  खनिज और ऊर्जा संसाधन  
2.6  विनिर्माण उद्योग  
2.7  राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएँ  
3  लोकतांत्रिक राजनीति - २20 
3  लोकतंत्र और विविधता  
🞽इकाई ।--
3.1  सत्ता की साझेदारी  
3.2  संघवाद  
🞽इकाई II--
3.3  जाति, धर्म और लैंगिक मसले  
🞽इकाई III--
3.4  राजनीतिक दल  
🞽इकाई IV--
3.5  लोकतंत्र के परिणाम  
4  जन-संघर्ष और आंदोलन  
8  लोकतंत्र की चुनौतियाँ  
4  आर्थिक विकास की समझ20 
4.1  विकास  
4.2  भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रक  
4.3  मुद्रा और साख  
4.4  वैश्वीकरण और भारतीय अर्थव्यवस्था  
4.5  उपभोक्ता अधिकार  
 Total - -
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Syllabus

1: भारत और समकालीन विश्व - २

CBSE Class 10 [कक्षा १०] Social Science (सामाजिक विज्ञान) Syllabus
🞽 खण्ड I : घटनाएँ और प्रक्रियाएँ
1.1 यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय
  • परिचय: यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय  
  • फ्रांसीसी क्रांति और राष्ट्र का विचार  
  • यूरोप में राष्ट्रवाद का निर्माण  
    • कुलीन वर्ग और नया मध्यवर्ग  
    • उदारवादी राष्ट्रवाद के क्या मायने थे ?  
    • 1815 के बाद एक नया रूढ़िवाद  
    • क्रांतिकारी  
  • क्रांतियों का युग: 1830 - 1848  
    • रूमानी कल्पना और राष्ट्रीय भावना  
    • भूख, कठिनाइयाँ और जन विद्रोह  
    • 1848: उदारवादियों की क्रांति  
  • जर्मनी और इटली का निर्माण  
    • जर्मनी-क्या सेना राष्ट्र की निर्माता हो सकती है ?  
    • इटली  
    • ब्रिटेन की अजीब दास्तान  
  • राष्ट्र की दृश्य-कल्पना  
  • राष्ट्रवाद और साम्राज्यवाद  
1.2 भारत में राष्ट्रवाद
  • परिचय: भारत में राष्ट्रवाद  
  • पहला विश्वयुद्ध, ख़िलाफ़त और असहयोग  
    • सत्याग्रह का विचार  
    • रॉलट एक्ट  
    • असहयोग ही क्यों ?  
  • आंदोलन के भीतर अलग-अलग धाराएँ  
    • शहरों में आंदोलन  
    • ग्रामीण इलाक़ों में विद्रोह  
    • बागानों में स्वराज  
  • सविनय अवज्ञा की ओर  
    • नमक यात्रा और सविनय अवज्ञा आंदोलन  
    • लोगों ने आंदोलन को कैसे लिया  
    • सविनय अवज्ञा की सीमाएँ  
  • सामूहिक अपनेपन का भाव  
🞽 खण्ड II : जीविका, अर्थव्यवस्था एवं समाज
1.3 भूमंडलीकृत विश्व का बनना
  • आधुनिक युग से पहले  
    • रेशम मार्ग (सिल्क रूट) से जुड़ती दुनिया
    • भोजन की यात्रा: स्पैघेत्ती और आलू
    • विजय, बीमारी और व्यापार
  • उन्नीसवीं शताब्दी (1815 - 1914)  
    • विश्व अर्थव्यवस्था का उदय  
    • तकनीक की भूमिका  
    • उन्नीसवीं सदी के आखिर में उपनिवेशवाद  
    • रिंडरपेस्ट या मवेशी प्लेग  
    • भारत से अनुबंधित श्रमिकों का जाना  
    • विदेश में भारतीय उद्यमी  
    • भारतीय व्यापर, उपनिवेशवाद और वैश्विक व्यवस्था  
  • महायुद्धों के बीच अर्थव्यवस्था  
    • युद्धकालीन रूपांतरण  
    • युद्धोत्तर सुधार  
    • बड़े पैमाने पर उत्पादन और उपभोग  
    • महामंदी  
    • भारत और महामंदी  
  • विश्व अर्थव्यवस्था का पुनर्निर्माण: युद्धोत्तर काल  
    • युद्धोत्तर बंदोबस्त और ब्रेटन-वुड्स संस्थान  
    • प्रारंभिक युद्धोत्तर वर्ष  
    • अनौपनिवेशीकरण और स्वतंत्रता  
    • ब्रेटन वुड्स का समापन और 'वैश्वीकरण' की शुरुआत  
1.4 औद्योगीकरण का युग
  • परिचय: औद्योगीकरण का युग  
  • औद्योगिक क्रांति से पहले  
    • कारखानों का उदय
    • औद्योगिक परिवर्तन की रफ़्तार
  • हाथ का श्रम और वाष्प शक्ति  
    • मज़दूरों की ज़िंदगी  
  • उपनिवेशों में औद्योगीकरण  
    • भारतीय कपड़े का युग  
    • बुनकरों का क्या हुआ ?  
    • भारत में मैनचेस्टर का आना  
  • फ़ैक्ट्रियों का आना  
    • प्रारंभिक उद्यमी
    • मज़दूर कहाँ से आए ?
  • औद्योगिक विकास का अनूठापन  
    • लघु उद्योगों की बहुतायत
  • वस्तुओं के लिए बाज़ार  
🞽 खण्ड III : रोज़ाना की ज़िंदगी, संस्कृति और राजनीति
1.5 मुद्रण संस्कृति और आधुनिक दुनिया
  • परिचय: मुद्रण संस्कृति और आधुनिक दुनिया  
  • शुरूआती छपी किताबें  
    • जापान में मुद्रण
  • यूरोप में मुद्रण का आना  
    • गुटेन्बर्ग और प्रिंटिंग प्रेस  
  • मुद्रण क्रांति और उसका असर  
    • नया पाठक वर्ग  
    • धार्मिक विवाद और प्रिंट का डर  
    • मुद्रण और प्रतिरोध  
  • पढ़ने का जुनून  
    • दुनिया के ज़ालिमों, अब हिलोगे तुम !
    • मुद्रण संस्कृति और फ़्रांसीसी क्रांति
  • उन्नीसवीं सदी  
    • बच्चे, महिलाएँ और मज़दूर
    • नए तकनीकी परिष्कार
  • भारत का मुद्रण संसार  
    • मुद्रण युग से पहले की पांडुलिपियाँ
    • छपाई भारत आई
  • धार्मिक सुधार और सार्वजनिक बहसें  
  • प्रकाशन के नए रूप  
    • महिलाएँ और मुद्रण  
    • प्रिंट और ग़रीब जनता  
  • प्रिंट और प्रतिबंध  

2: समकालीन भारत - २

CBSE Class 10 [कक्षा १०] Social Science (सामाजिक विज्ञान) Syllabus
2.1 संसाधन एवं विकास
  • परिचय: संसाधन एवं विकास  
  • संसाधनों के प्रकार  
    • उत्पत्ति के आधार पर
    1. जैव संसाधन
    2. अजैव संसाधन
    • समाप्यता के आधार पर
    1. नवीकरण योग्य संसाधन
    2. अनवीकरण योग्य संसाधन
    • स्वामित्व के आधार पर
    1. व्यक्तिगत संसाधन
    2. सामुदायिक स्वामित्व वाले संसाधन 
    3. राष्ट्रीय संसाधन
    4. अंतर्राष्ट्रीय संसाधन
    • विकास के स्तर के आधार पर
    1. संभावी संसाधन
    2. विकसित संसाधन
    3. भंडार
    4. संचित कोष 
  • संसाधनों का विकास  
  • संसाधन नियोजन  
    • भारत में संसाधन नियोजन
    • संसाधनों का संरक्षण
  • भू-संसाधन  
  • भू-उपयोग  
  • भारत में भू-उपयोग प्रारूप  
  • भूमि निम्नीकरण और संरक्षण उपाय  
  • मृदा संसाधन  
    • मृदा संसाधन
    • मृदाओं का वर्गीकरण 
    1. जलोढ मृदा
    2. काली मृदा 
    3. लाल और पीली मृदा 
    4. लेटराइट मृदा 
    5. मरुस्थली  मृदा
    6. वन मृदा
    • मृदा अपरदन और संरक्षण
2.2 वन और वन्य जीव संसाधन
  • भारत में वनस्पतिजात और प्राणिजात  
    • मौजूदा पौधों और जानवरों की प्रजातियों की विभिन्न श्रेणियां
    1. सामान्य जातियाँ 
    2. संकटग्रस्त जातियाँ 
    3. सुभेद्य जातियाँ
    4. दुर्लभ जातियाँ
    5. स्थानिक जातियाँ
    6. लुप्त जातियाँ
  • भारत में वन और वन्य जीवन का संरक्षण  
  • वन और वन्य जीव संसाधनों के प्रकार और वितरण  
    • आरक्षित वन
    • रक्षित वन
    • अवर्गीकृत वन
  • समुदाय और वन संरक्षण  
2.3 जल संसाधन
  • जल दुर्लभता और जल संरक्षण एवं प्रबंधन की आवश्यकता  
  • बहु-उद्देशीय नदी परियोजनाएँ और समन्वित जल संसाधन प्रबंधन  
  • वर्षा जल संग्रहण  
2.4 कृषि
  • कृषि के प्रकार  
    • निर्वाह कृषि
    • गहन कृषि
    • स्थानांतरित कृषि
    • स्थलांतरित कृषि
    • विस्तृत कृषि
    • बागानी कृषि
    • मिश्रित कृषि
    • जैविक कृषि
    • सहकारी कृषि
  • शस्य प्रारूप  
    • मुख्य फसलें
    1. चावल 
    2. गेहूँ 
    3. मोटे अनाज 
    4. बाजरा 
    5. मक्का 
    6. दालें
    • खाद्यान्नों के अलावा अन्य खाद्य फसलें 
    1. गन्ना 
    2. तिलहन 
    3. चाय 
    4. कॉफ़ी 
    5. बागवानी फसलें 
    • अखाद्य फसलें
    1. रबड़ 
    2. रेशेदार फसलें 
    3. कपास 
    4. जूट
  • प्रौद्योगिकीय और संस्थागत सुधार  
  • कृषि की राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और उत्पादन में योगदान  
  • वैश्वीकरण का कृषि पर प्रभाव  
2.5 खनिज और ऊर्जा संसाधन
  • खनिज क्या है ?  
  • खनिजों की उपलब्धता  
    • लौह खनिज 
    • लौह अयस्क 
    • मैंगनीज 
    • अलौह खनिज 
    • ताँबा
    • बॉक्साइट 
    • अधात्विक खनिज - अभ्रक 
    • चट्टानी खनिज - चूना पत्थर
  • खनिजों का संरक्षण  
  • ऊर्जा संसाधन  
    • परंपरागत ऊर्जा के स्त्रोत
    1. कोयला 
    2. पेट्रोलियम 
    3. प्राकृतिक गैस 
    4. विद्युत
    • गैर-परंपरागत ऊर्जा के साधन 
    1. परमाणु अथवा आणविक ऊर्जा 
    2. सौर ऊर्जा 
    3. पवन ऊर्जा
    4. बायोगैस 
    5. ज्वारीय ऊर्जा
    6. भू-तापीय ऊर्जा
  • ऊर्जा संसाधनों का संरक्षण  
2.6 विनिर्माण उद्योग
  • विनिर्माण का महत्त्व  
  • राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में उद्योगों का योगदान  
    • औद्योगिक अवस्थिति 
    • उद्योगों का वर्गीकरण
    • कृषि आधारित उद्योग
      1) वस्त्र उद्योग
      2) सूती वस्त्र उद्योग
      3) पटसन उद्योग
      4) चीनी उद्योग
    • खनिज आधारित उद्योग
      1) लोहा तथा इस्पात उद्योग
      2) एल्यूमिनियम प्रगलन 
      3) रसायन उद्योग
      4) उर्वरक उद्योग
      5) सीमेंट उद्योग
      6) मोटरगाड़ी उद्योग
      7) सूचना प्रौद्योगिकी तथा इलेक्ट्रॉनिक उद्योग
    • प्रमुख भूमिका के आधार पर -
      1) आधारभूत उद्योग
      2) उपभोक्ता उद्योग
    • पूंजी निवेश के आधार पर -
      1) लघु उद्योग
    • स्वामित्व के आधार पर -
      1) सार्वजनिक क्षेत्र
      2) निजी क्षेत्र
      3) संयुक्त उद्योग
      4) सहकारी उद्योग
    • कच्चे तथा तैयार माल की मात्रा व भार के आधार पर -
      1) भारी उद्योग
      2) हलके उद्योग
  • औद्योगिक प्रदूषण तथा पर्यावरण निम्नीकरण  
    • वायु प्रदूषण 
    • जल प्रदूषण 
    • तापीय प्रदूषण 
    • ध्वनि प्रदूषण 
  • पर्यावरणीय निम्नीकरण की रोकथाम  
2.7 राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएँ
  • परिचय: राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएँ  
  • परिवहन (यातायात)  
    • सड़कमार्ग
    • रेलमार्ग
    • जलमार्ग
    • वायुमार्ग
    • स्थल परिवहन  
      • स्वर्णिम चतुर्भुज महा राजमार्ग
      • राष्ट्रीय राजमार्ग
      • राज्य राजमार्ग
      • ज़िला मार्ग
      • अन्य सड़कें
      • सीमांत सड़कें
    • रेल परिवहन  
    • पाइपलाइन  
    • जल परिवहन  
      • प्रमुख समुद्री पत्तन
    • वायु परिवहन  
  • संचार सेवाएँ  
  • अंतर्राष्ट्रीय व्यापार  
    • पर्यटन - एक व्यापर के रूप में

3: लोकतांत्रिक राजनीति - २

CBSE Class 10 [कक्षा १०] Social Science (सामाजिक विज्ञान) Syllabus
3 लोकतंत्र और विविधता
  • मैक्सिको ओलंपिक की कहानी  
  • समानताएँ, असमानताएँ और विभाजन  
    • सामाजिक भेदभाव की उत्पत्ति
    • विभिन्नताओं में सामंजस्य और टकराव
  • सामाजिक विभाजनों की राजनीति  
    • परिणामों का दायरा
    • तीन आयाम
🞽 इकाई ।
3.1 सत्ता की साझेदारी
  • बेल्जियम और श्रीलंका  
  • श्रीलंका में बहुसंख्यकवाद  
  • बेल्जियम की समझदारी  
  • सत्ता की साझेदारी के रूप  
    • शासन के विभिन्न अंग 
    • सरकार के बीच भी विभिन्न स्तरों पर 
    • विभिन्न सामाजिक समूहों 
    • विभिन्न प्रकार के दबाव-समूह और आंदोलनों द्वारा शासन को प्रभावित और नियंत्रित.
3.2 संघवाद
  • संघवाद क्या है ?  
  • भारत में संघीय व्यवस्था  
  • संघीय व्यवस्था कैसे चलती है ?  
    • भाषायी राज्य
    • भाषा-नीति 
    • केंद्र-राज्य संबंध
  • भारत में विकेंद्रीकरण  
🞽 इकाई II
3.3 जाति, धर्म और लैंगिक मसले
  • लैंगिक मसले और राजनीति  
    • निजी और सार्वजनिक का विभाजन
  • महिलाओं का राजनीतिक प्रतिनिधित्व  
  • धर्म, सांप्रदायिकता और राजनीति  
    • सांप्रदायिकता
    • धर्मनिरपेक्ष शासन
  • जाति और राजनीति  
    • जातिगत असमानताएँ 
    • राजनीति में जाति 
    • जाति के अंदर राजनीति
🞽 इकाई III
3.4 राजनीतिक दल
  • राजनीतिक दलों की ज़रूरत क्यों ?  
    • राजनीतिक दलों का अर्थ 
    • राजनीतिक दल के कार्य 
    • राजनीतिक दलों की ज़रूरत
  • कितने राजनीतिक दल ?  
  • राष्ट्रीय दल  
  • क्षेत्रीय दल  
  • राजनीतिक दलों के लिए चुनौतियाँ  
  • दलों को कैसे सुधारा जा सकता है ?  
🞽 इकाई IV
3.5 लोकतंत्र के परिणाम
  • लोकतंत्र के परिणामों का मूल्यांकन कैसे करें?  
  • उत्तरदायी, ज़िम्मेवार और वैध शासन  
  • आर्थिक संवृद्धि और विकास  
  • असमानता और गरीबी में कमी  
  • सामाजिक विविधताओं में सामंजस्य  
  • नागरिकों की गरिमा और आज़ादी  
4 जन-संघर्ष और आंदोलन
  • नेपाल और बोलिविया में जन-संघर्ष  
    • नेपाल में लोकतंत्र का आंदोलन  
    • बोलिविया का जल-युद्ध  
    • लोकतंत्र और जन-संघर्ष  
  • लामबंदी और संगठन  
  • दबाव-समूह और आंदोलन  
    • वर्ग विशेष के हित-समूह और जन-सामान्य के हित-समूह 
    • आंदोलनकारी समूह
    • क्या दबाव-समूह और आंदोलन के प्रभाव सकारात्मक होते हैं ?
8 लोकतंत्र की चुनौतियाँ
  • चिंतन चुनौतियों का  
  • अलग-अलग संदर्भ, अलग-अलग चुनौतियाँ  
  • अलग-अलग तरह की चुनौतियाँ  
  • राजनीतिक सुधारों पर विचार  
  • लोकतंत्र की पुनर्परिभाषा  

4: आर्थिक विकास की समझ

CBSE Class 10 [कक्षा १०] Social Science (सामाजिक विज्ञान) Syllabus
4.1 विकास
  • विकास क्या वादा करता है - विभिन्न व्यक्ति, विभिन्न लक्ष्य  
  • आय और अन्य लक्ष्य  
  • राष्ट्रीय विकास  
  • विभिन्न देशों या राज्यों की तुलना कैसे की जाए ?  
  • आय और अन्य मापदण्ड  
  • सार्वजनिक सुविधाएँ  
  • विकास की धारणीयता  
4.2 भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रक
  • आर्थिक कार्यों के क्षेत्रक  
    • प्राथमिक क्षेत्रक (कृषि एवं सहायक क्षेत्रक)
    • द्वितीयक क्षेत्रक (औद्योगिक क्षेत्रक)
    • तृतीयक क्षेत्रक
    • सेवा क्षेत्रक
  • तीन क्षेत्रकों की तुलना  
    • प्रत्येक क्षेत्रक की विविध वस्तुओं और सेवाओं की हम गणना कैसे करते हैं और कुल उत्पादन को कैसे जानते हैं ?
    • क्षेत्रकों में ऐतिहासिक परिवर्तन
  • भारत में प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्रक  
    • उत्पादन में तृतीयक क्षेत्रक का बढ़ता महत्त्व
    • अधिकांश लोग कहाँ नियोजित हैं ?
    • अतिरिक्त रोजगार का सृजन कैसे हो ?
  • संगठित और असंगठित के रूप में क्षेत्रकों का विभाजन  
    • असंगठित क्षेत्रक के श्रमिकों का संरक्षण कैसे हो?
  • स्वामित्त्व आधारित क्षेत्रक - सार्वजनिक और निजी क्षेत्रक  
4.3 मुद्रा और साख
  • मुद्रा विनिमय का एक माध्यम  
  • मुद्रा के आधुनिक रूप  
    • करेंसी 
    • बैंकों में निक्षेप 
    • चैक द्वारा भुगतान
  • बैंकों की ऋण संबंधी गतिविधियाँ  
  • साख की दो विभिन्न स्थितियाँ  
  • ऋण की शर्तें  
    • आवास ऋण  
    • विविध प्रकार के साख प्रबंध 
    • सहकारी समितियों से ऋण
  • भारत में औपचारिक क्षेत्रक में साख  
    • औपचारिक और अनौपचारिक साख - किसे क्या मिलता है ?
  • निर्धनों के स्वयं सहायता समूह  
4.4 वैश्वीकरण और भारतीय अर्थव्यवस्था
  • परिचय: वैश्वीकरण और भारतीय अर्थव्यवस्था  
  • अन्तरदेशीय उत्पादन  
  • विश्व-भर के उत्पादन को एक-दूसरे से जोड़ना  
  • विदेश व्यापर और बाज़ारों का एकीकरण  
  • वैश्वीकरण क्या है?  
  • वैश्वीकरण को संभव बनाने वाले कारक  
    • प्रौद्योगिकी
    • विदेश व्यापर तथा विदेशी निवेश का उदारीकरण
  • विश्व व्यापार संगठन  
  • भारत में वैश्वीकरण का प्रभाव  
  • न्यायसंगत वैश्वीकरण के लिए संघर्ष  
4.5 उपभोक्ता अधिकार
  • परिचय: उपभोक्ता अधिकार  
  • बाज़ार में उपभोक्ता  
  • उपभोक्ता आंदोलन  
  • उपभोक्ता अधिकार  
    • सुरक्षा सबका अधिकार है
    • वस्तुओं और सेवाओं के बारे में जानकारी 
    • चयन के अधिकार का उल्लंघन 
    • इन उपभोक्ताओं को न्याय पाने के लिए कहाँ जाना चाहिए?
    • जागरूक उपभोक्ता बनने के लिए आवश्यक बातें
  • उपभोक्ता आंदोलन को आगे बढ़ाने के संबंध में  
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