मराठी

HSC Arts (English Medium) इयत्ता १२ वी - Maharashtra State Board Question Bank Solutions for Hindi

Advertisements
[object Object]
[object Object]
विषय
मुख्य विषय
अध्याय
Advertisements
Advertisements
Hindi
< prev  201 to 220 of 495  next > 

निम्नलिखित मुहावरे का अर्थ लिखकर उचित वाक्य में प्रयोग कीजिए:

टस-से-मस न होना।

[19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
Chapter: [19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित मुहावरे का अर्थ लिखकर उचित वाक्य में प्रयोग कीजिए:

दिन दूना रात चौगुना बढ़ना।

[19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
Chapter: [19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
Concept: undefined >> undefined

Advertisements

निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:

बड़े प्रयत्न से बनवाई रजाई, कोट जैसी नित्य व्यवहार की वस्तुएँ भी जब दूसरे ही दिन किसी अन्य का कष्ट दूर करने के लिए अंतर्धान हो गईं तब अर्थ के संबंध में क्या कहा जावे, जो साधन मात्र है। वह संध्या भी मेरी स्मृति में विशेष महत्त्व रखती है जब श्रद्धेय मैथिलीशरण जी निराला जी का आतिथ्य ग्रहण करने गए।

बगल में गुप्त जी के बिछौने का बंडल दबाए, दियासलाई के क्षण प्रकाश, क्षीण अंधकार में तंग सीढ़ियों का मार्ग दिखाते हुए निराला जी हमें उस कक्ष में ले गए जो उनकी कठोर साहित्य साधना का मूक साक्षी रहा है।

आले पर कपड़े की आधी जली बत्ती से भरा पर तेल से खाली मिट्टी का दीया मानो अपने नाम की सार्थकता के लिए जल उठने का प्रयास कर रहा था।

वह आलोकरहित, सुख-सुविधा शून्य घर, गृहस्वामी के विशाल आकार और उससे भी विशालतर आत्मीयता से भरा हुआ था। अपने संबंध में बेसुध निराला जी अपने अतिथि की सुविधा के लिए सतर्क प्रहरी हैं। अतिथि की सुविधा का विचार कर वे नया घड़ा खरीदकर गंगाजल ले आए और धोती-चादर जो कुछ घर में मिल सका; सब तख्त पर बिछाकर उन्हें प्रतिष्ठित किया।

तारों की छाया में उन दोनों मर्यादावादी और विद्रोही महाकवियों ने क्या कहा-सुना, यह मुझे ज्ञात नहीं पर सवेरे गुप्त जी को ट्रेन में बैठाकर वे मुझे उनके सुख शयन का समाचार देना न भूले।

ऐसे अवसरों की कमी नहीं जब वे अकस्मात पहुँचकर कहने लगे-मेरे इक्के पर कुछ लकड़ियाँ, थोड़ा घी आदि रखवा दो। अतिथि आए हैं, घर में सामान नहीं है।

  1. संजाल पूर्ण कीजिए:      [2]

  2. निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में आए हुए समानार्थी शब्द ढूँढ़कर लिखिए:    [2]
    1. मेहमान - ______
    2. प्रयास - ______
    3. शाम - ______
    4. दीपक - ______
  3. 'आतिथ्य भाव' हमारे संस्कार हैं, इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए।    [2]
[2] निराला भाई
Chapter: [2] निराला भाई
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित काव्य पंवितियाँ पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:

घाट से आते हुए
कदंब के नीचे खड़े कनु को
ध्यानमग्न देवता समझ, प्रणाम करने
जिस राह से तू लौटती थी बावरी
आज उस राह से न लौट
उजड़े हुए कुंज
रौंदी हुई लताएँ
आकाश पर छाई हुई धूल
क्या तुझे यह नहीं बता रही
कि आज उस राह से
कृष्ण की अठारह अक्षौहिणी सेनाएँ
युद्ध में भाग लेने जा रही हैं!
आज उस पथ से अलग हटकर खड़ी हो बावरी!
लताकुंज की ओट
छिपा ले अपने आहत प्यार को।
  1. कारण लिखिए:      [2]
    1. राधा को उस राह से ना लौटने के लिए कहा - ______
    2. राधा को पथ से हटकर खड़े होने को कहा - ______
  2. उचित मिलान कीजिए:     [2]
    (१) ध्यानमग्न राधा
    (२) बावरी प्यार
    (३) अक्षौहिणी देवता
    (४) आहत सेनाएँ
  1. "वर्तमान युग में युद्ध नहीं शांति चाहिए" इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए।     [2]
[13] विशेष अध्ययन : कनुप्रिया
Chapter: [13] विशेष अध्ययन : कनुप्रिया
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए: 

जालि मोहु घसि मसि करि,
मति कागद करि सारु,
भाइ कलम करि चितु लेखारी
गुर पुछि लिखु बीचारि,
लिखु नामु सालाह लिखु,
लिखु अंतु न पारावार।।

मन रे अहिनिसि हरि गुण सारि।
जिन खिनु पलु नाम न बिसरे ते जन विरले संसारि।
जोती-जोति मिलाइये, सुरती सुरति संजोगु।
हिंसा हउमें गतु गए नाही सहसा सोगु।
गुरुमुख जिसु हरि मनि बसे तिसु मेले गुरु संजोग।।

  1. (१) सहसंबंध लिखिए:        [2]
    (१) मोह को जलाकर और घिसकर बनाइए विरले
    (२) श्रेष्ठ कागज बनाना है, इससे प्रभु के दर्शन
    (३) संसार में हरि का नाम न भूलने वाले स्याही
    (४) जिसने प्रभु के नाम की माला जपी उसे मति
  2. निम्नलिखित शब्दों के उपसिर्ग हटाकर पद्यांश में आए हुए मूलशब्द दूँढकर लिखिए:      [2]
    1. सुमति - ______
    2. सदगुण - ______
    3. निर्जन -  ______
    4. अहिंसा - ______
  3. "गुरु का महत्त्व" इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए।       [2]
[5] (अ) गुरुबानी (आ) वृंद के दोहे (पद्य)
Chapter: [5] (अ) गुरुबानी (आ) वृंद के दोहे (पद्य)
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:

सुधारक होता है करुणाशील और उसका सत्य सरल विश्वासी। वह पहले चौंकता है, फिर कोमल पड़ जाता है और तब उसका वेग बन जाता है शांत और वातावरण में छा जाती है सुकुमारता।

पाप अभी तक सुधारक और सत्य के जो स्तोत्र पढ़ता जा रहा था, उनका करता है यूँ उपसंहार "सुधारक महान है, वह लोकोत्तर है, मानव नहीं, वह तो भगवान है, तीर्थंकर है, अवतार है, पैगंबर है, संत है। उसकी वाणी में जो सत्य है, वह स्वर्ग का अमृत है। वह हमारा वंदनीय है, स्मरणीय है, पर हम पृथ्वी के साधारण मनुष्यों के लिए वैसा बनना असंभव है, उस सत्य को जीवन में उतारना हमारा आदर्श है, पर आदर्श को कब, कहाँ, कौन पा सकता है?’’ और इसके बाद उसका नारा हो जाता है, "महाप्रभु सुधारक वंदनीय है, उसका सत्य महान है, वह लोकोत्तर है।"

यह नारा ऊँचा उठता रहता है, अधिक-से-अधिक दूर तक उसकी गूँज फैलती रहती है, लोग उसमें शामिल होते रहते हैं। पर अब सबका ध्यान सुधारक में नहीं; उसकी लोकोत्तरता में समाया रहता है, सुधारक के सत्य में नहीं, उसके सूक्ष्म-से-सूक्ष्म अर्थों और फलितार्थों के करने में जुटा रहता है। 

अब सुधारक के बनने लगते हैं स्मारक और मंदिर और सत्य के ग्रंथ और भाष्य। बस यहीं सुधारक और उसके सत्य की पराजय पूरी तरह हो जाती है।

पाप का यह ब्रह्मास्त्र अतीत में अजेय रहा है और वर्तमान में भी अजेय है। कौन कह सकता है कि भविष्य में कभी कोई इसकी अजेयता को खंडित कर सकेगा या नहीं?

  1. संजाल पूर्ण कीजिए:      [2]
     पाप के अनुसार सुधारक यह है;
     
     
     
     
  2.  निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में आए हुए विलोम शब्द ढूँढ़कर लिखिए:         [2]
      1. पुण्य - 
      2. विष - 
      3. असत्य - 
      4. जय - 
  3. किसी एक समाज सुधारक के बारे में अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए।   [2]    
[6] पाप के चार हथियार
Chapter: [6] पाप के चार हथियार
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित पद्वांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:

हमारी साँसों के लिए शुद्ध हवा
बीमारी के लिए दवा
शवयात्रा, शगुन या बारात
सभी के लिए देता है पुष्पों की सौगात
आदिकाल से आज तक
सुबह-शाम, दिन-रात
हमेशा देता आया है मनुष्य का साथ
कवि को मिला कागज, कलम, स्याही
वैद, हकीम को दवाई
शासन या प्रशासन
सभी के बैठने के लिए
कुर्सी, मेज, आसन
जो हम उपयोग नहीं करें
वृक्ष के पास ऐसी एक भी नहीं चीज है।
  1. कृति पूर्ण कीजिए:        [2]

  2. निम्नलिखित शब्दों के वचन बदलकर लिखिए:         [2]
    1. बीमारियाँ  - ______
    2. दवाई - ______
    3. कुर्सियाँ - ______
    4. चीज़ - ______
  3. “पेड़ हमारा दाता है" इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए।      [2]
[7] पेड़ होने का अर्थ (पद्य)
Chapter: [7] पेड़ होने का अर्थ (पद्य)
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग ८० से १०० शब्दों में लिखिए:

"राधा ने चरम तन्मयता के क्षणों में डूबकर जीवन की सार्थकता पाई है," इस कथन को स्पष्ट कौजिए।

[13] विशेष अध्ययन : कनुप्रिया
Chapter: [13] विशेष अध्ययन : कनुप्रिया
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 'सच हम नहीं सच तुम नहीं' कविता का रसास्वादन कीजिए:

  1. रचनाकार का नाम      [1]
  2. पसंद की पंक्तियाँ       [1]
  3. पसंद आने के कारण        [2]
  4. कविता की केंद्रीय कल्पना      [2]
[3] सच हम नहीं; सच तुम नहीं (पद्य)
Chapter: [3] सच हम नहीं; सच तुम नहीं (पद्य)
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित का उत्तर लगभग १०० से १२० शब्दों में लिखिए:

“सेवा तीर्थयात्रा से बढ़कर है," इस उक्ति का पल्लवन कीजिए।

[14] व्यावहारिक हिंदी : पल्लवन
Chapter: [14] व्यावहारिक हिंदी : पल्लवन
Concept: undefined >> undefined

परिच्छेद पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:

“सूत्र संचालन के मुख्यतः निम्न प्रकार हैं- शासकीय कार्यक्रम का सूत्र संचालन, दूरदर्शन हेतु सूत्र संचालन, रेडियो हेतु सूत्र संचालन, राजनीतिक, सामाजिक तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सूत्र संचालन।"

  • शासकीय एवं राजनीतिक कार्यक्रम का सूत्र संचालन:

शासकीय एवं राजनीतिक समारोह के सूत्र संचालन में प्रोटोकॉल का बहुत ध्यान रखना पड़ता है। पदों के अनुसार नामों की सूची बनानी पड़ती है।किसका-किसके हाथों सत्कार करना है; इसकी योजना बनानी पड़ती है। इस प्रकार का सूत्र संचालन करते समय अति अलंकारिक भाषा के प्रयोग से बचना चाहिए। 

  • दूरदर्शन तथा रेडियो कार्यक्रम का सूत्र संचालन:

दूरदर्शन अथवा रेडियो पर प्रसारित किए जाने वाले कार्यक्रम/समारोह की संपूर्ण जानकारी होनी चाहिए। कार्यक्रम की संहिता लिखकर तैयार करनी चाहिए। उसके पश्चात्‌ कार्यक्रम प्रारंभ करना चाहिए और धीरे-धीरे उसका विकास करते जाना चाहिए। भाषा का प्रयोग कार्यक्रम और प्रसंगानुसार किया जाना चाहिए। रोचकता और विभिन्‍न संदर्भ का समावेश कार्यक्रम में चार चाँद लगा देते हैं।

स्मरण रहे-सूत्र संचालक मंच और श्रोताओं के बीच सेतु का कार्य करता है। सूत्र संचालन करते समय रोचकता, रंजकता, विविध प्रसंगों का उल्लेख करना आवश्यक होता है। कार्यक्रम/समारोह में निखार लाना सूत्र संचालक का महत्त्वपूर्ण कार्य होता है। कार्यक्रम के अनुसार सूत्र संचालक को अपनी भाषा और शैली में परिवर्तन करना चाहिए; जैसे गीतों अथवा मुशायरे का कार्यक्रम हो तो भावपूर्ण एवं सरल भाषा का प्रयोग अपेक्षित है तो व्याख्यान अथवा वैचारिक कार्यक्रम में संदर्भ के साथ सटीक शब्दों का प्रयोग आवश्यक है। सूत्र संचालन करते समय उसके सामने सुनने वाले कौन हैं; इसका भी ध्यान रखना चाहिए।

  1. कृति पूर्ण कीजिए:      [2]
    सूत्र संचालन के मुख्य प्रकार:
    1. ______
    2. ______
    3. ______
    4. ______ 
  2. गदयांश में से 'इक' प्रत्यय लगे हुए शब्द ढूँढ़कर लिखिए:     [2]
    1. ______
    2. ______
    3. ______
    4. ______
  3. "किसी भी कार्यक्रम के लिए सूत्र संचालन आवश्यक होता है," इस विषय पर ४० से ५० शब्दों में अपने विचार लिखिए।       [2]
[16] व्यावहारिक हिंदी : मैं उद्घोषक
Chapter: [16] व्यावहारिक हिंदी : मैं उद्घोषक
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित प्रश्न का मात्र एक वाक्य में उत्तर लिखिए:

लेख विधा की विशेषताएँ लिखिए।

[11] कोखजाया
Chapter: [11] कोखजाया
Concept: undefined >> undefined

फीचर लेखन में ______  होनी चाहिए।

[15] व्यावहारिक हिंदी : फीचर लेखन
Chapter: [15] व्यावहारिक हिंदी : फीचर लेखन
Concept: undefined >> undefined

प्रकाश उत्पन करने वाले जीवों की वैज्ञानिक अध्ययन की दृष्टि से जानकारी लिखिए।

[18] व्यावहारिक हिंदी : प्रकाश उत्पन्न करने वाले जीव
Chapter: [18] व्यावहारिक हिंदी : प्रकाश उत्पन्न करने वाले जीव
Concept: undefined >> undefined

लेखक आनंद सिंह जी ने ______ तक रेडियो उद्घोषक के रूप में सेवाएँ प्रदान कीं।

[16] व्यावहारिक हिंदी : मैं उद्घोषक
Chapter: [16] व्यावहारिक हिंदी : मैं उद्घोषक
Concept: undefined >> undefined

जॉन बर्गर ने ब्लॉग के लिए  ______ शब्द का प्रयोग किया था।

[17] व्यावहारिक हिंदी : ब्लॉग लेखन
Chapter: [17] व्यावहारिक हिंदी : ब्लॉग लेखन
Concept: undefined >> undefined

समुद्री जीवों के शरीर से उत्पन्न होने वाला प्रकाश ______ के कारण उत्पन्न होता है।

[18] व्यावहारिक हिंदी : प्रकाश उत्पन्न करने वाले जीव
Chapter: [18] व्यावहारिक हिंदी : प्रकाश उत्पन्न करने वाले जीव
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित अपठित गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:

सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति के बाद शनि ग्रह की कक्षा है। शनि सौरमंडल का दूसरा बड़ा ग्रह है। यह हमारी पृथ्वी के करीब 750 गुना बड़ा है। शनि के गोले का व्यास 116 हज़ार किलोमीटर है; अर्थात्‌, पृथ्वी के व्यास से करीब नौ गुना अधिक।

सूर्य से शनि ग्रह की औसत दूरी 143 करोड़ किलोमीटर है। यह ग्रह प्रति सेकंड 9.6 किलोमीटर की औसत गति से करीब 30 वर्षों में सूर्य का एक चक्कर लगाता है। अत: 90 साल का कोई बूढ़ा आदमी यदि शनि ग्रह पर पहुँचेगा, तो उस ग्रह के अनुसार उसकी उम्र होगी सिर्फ तीन साल!

हमारी पृथ्वी सूर्य से करीब 15 करोड़ किलोमीटर दूर है। तुलना में शनि ग्रह दस गुना अधिक दूर है। इसे दूरबीन के बिना कोरी आँखों से भी आकाश में पहचाना जा सकता है। पुराने ज़माने के लोगों ने इस पीले चमकीले ग्रह को पहचान लिया था। प्राचीन काल के ज्योतिषियों को सूर्य, चंद्र और काल्पनिक राहु-केतु के अलावा जिन पाँच ग्रहों का ज्ञान था उनमें शनि सबसे अधिक दूर था। 

शनि को 'शनैश्वर' भी कहते हैं। आकाश के गोल पर यह ग्रह बहुत धीमी गति से चलता दिखाई देता है, इसीलिए प्राचीन काल के लोगों ने इसे 'शनैःचर नाम' दिया था। 'शनैःचर' का अर्थ होता है - धीमी गति से चलने वाला। 

  1. तालिका पूर्ण कीजिए:     [2]
    प्राचीन ज्योतिषियों को इन ग्रहों का ज्ञान था। 
     
     
     
     
  2. परिच्छेद में आए हुए शब्दों के लिंग पहचानकर लिखिए:    [2]
    1. शनि - ______
    2. दूरबीन - ______
    3. पृथ्वी - ______
    4. आकाश - ______
  3. 'अंतरिक्ष यात्रा' इस विषय पर ४० से ५० शब्दों में अपने विचार लिखिए।      [2]  
[20] अपठित विभाग
Chapter: [20] अपठित विभाग
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित मुहावरे का अर्थ लिखकर उचित वाक्य में प्रयोग कीजिए:

जान बख्शना।

[19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
Chapter: [19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित मुहावरे का अर्थ लिखकर उचित वाक्य में प्रयोग कीजिए:

 फलीभूत होना।

[19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
Chapter: [19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
Concept: undefined >> undefined
< prev  201 to 220 of 495  next > 
Advertisements
Advertisements
Maharashtra State Board HSC Arts (English Medium) इयत्ता १२ वी Question Bank Solutions
Question Bank Solutions for Maharashtra State Board HSC Arts (English Medium) इयत्ता १२ वी Book Keeping and Accountancy
Question Bank Solutions for Maharashtra State Board HSC Arts (English Medium) इयत्ता १२ वी Economics
Question Bank Solutions for Maharashtra State Board HSC Arts (English Medium) इयत्ता १२ वी English
Question Bank Solutions for Maharashtra State Board HSC Arts (English Medium) इयत्ता १२ वी Geography
Question Bank Solutions for Maharashtra State Board HSC Arts (English Medium) इयत्ता १२ वी Hindi
Question Bank Solutions for Maharashtra State Board HSC Arts (English Medium) इयत्ता १२ वी History
Question Bank Solutions for Maharashtra State Board HSC Arts (English Medium) इयत्ता १२ वी Information Technology
Question Bank Solutions for Maharashtra State Board HSC Arts (English Medium) इयत्ता १२ वी Marathi
Question Bank Solutions for Maharashtra State Board HSC Arts (English Medium) इयत्ता १२ वी Mathematics and Statistics
Question Bank Solutions for Maharashtra State Board HSC Arts (English Medium) इयत्ता १२ वी Political Science
Question Bank Solutions for Maharashtra State Board HSC Arts (English Medium) इयत्ता १२ वी Psychology
Question Bank Solutions for Maharashtra State Board HSC Arts (English Medium) इयत्ता १२ वी Sociology
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×