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English Medium इयत्ता १० - CBSE Question Bank Solutions for Hindi Course - B

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Hindi Course - B
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लेखक के अनुसार उन्हें स्कूल खुशी से भागे जाने की जगह न लगने पर भी कब और क्यों उन्हें स्कूल जाना अच्छा लगने लगा?

[2] सपनों के-से दिन
Chapter: [2] सपनों के-से दिन
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लेखक अपने छात्र जीवन में स्कूल से छुट्टियों में मिले काम को पूरा करने के लिए क्या-क्या योजनाएँ बनाया करता था और उसे पूरा न कर पाने की स्थिति में किसकी भाँति ‘बहादुर’ बनने की कल्पना किया करता था?

[2] सपनों के-से दिन
Chapter: [2] सपनों के-से दिन
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पाठ में वर्णित घटनाओं के आधार पर पीटी सर की चारित्रिक विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।

[2] सपनों के-से दिन
Chapter: [2] सपनों के-से दिन
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विद्यार्थियों को अनुशासन में रखने के लिए पाठ में अपनाई गई युक्तियों और वर्तमान में स्वीकृत मान्यताओं के संबंध में अपने विचार प्रकट कीजिए।

[2] सपनों के-से दिन
Chapter: [2] सपनों के-से दिन
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बचपन की यादें मन को गुदगुदाने वाली होती हैं विशेषकर स्कूली दिनों की। अपने अब तक के स्कूली जीवन की खट्टी-मीठी यादों को लिखिए ।

[2] सपनों के-से दिन
Chapter: [2] सपनों के-से दिन
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प्राय: अभिभावक बच्चों को खेल-कूद में ज़्यादा रूचि लेने पर रोकते हैं और समय बरबाद न करने की नसीहत देते हैं बताइए −

खेल आपके लिए क्यों ज़रूरी हैं?

[2] सपनों के-से दिन
Chapter: [2] सपनों के-से दिन
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प्राय: अभिभावक बच्चों को खेल-कूद में ज़्यादा रूचि लेने पर रोकते हैं और समय बरबाद न करने की नसीहत देते हैं बताइए −

आप कौन से ऐसे नियम-कायदों को अपनाएँगे जिससे अभिभावकों को आपके खेल पर आपत्ति न हो?

[2] सपनों के-से दिन
Chapter: [2] सपनों के-से दिन
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‘बच्चों की यह स्वाभाविक विशेषता होती है कि खेल ही उन्हें सबसे अच्छा लगता है।’ सपनों के-से दिन नामक पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

[2] सपनों के-से दिन
Chapter: [2] सपनों के-से दिन
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लेखक के बचपन के समय बच्चे पढ़ाई में रुचि नहीं लेते थे।-स्पष्ट कीजिए।

[2] सपनों के-से दिन
Chapter: [2] सपनों के-से दिन
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लेखक के बचपन में बच्चों के न पढ़ पाने के लिए अभिभावक अधिक जिम्मेदार थे। इससे आप कितना सहमत हैं?

[2] सपनों के-से दिन
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गरमी की छुट्टियों के पहले और आखिरी दिनों में लेखक ने क्या अंतर बताया है?

[2] सपनों के-से दिन
Chapter: [2] सपनों के-से दिन
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लेखक ने ‘सस्ता सौदा’ किसे कहा है? और क्यों?

[2] सपनों के-से दिन
Chapter: [2] सपनों के-से दिन
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लेखक ने सातवीं कक्षा तक की जो पढ़ाई की उसमें स्कूल के हेडमास्टर शर्मा जी का योगदान अधिक था। स्पष्ट कीजिए।
अथवा
लेखक की पढ़ाई में हेडमास्टर शर्मा जी का योगदान स्पष्ट कीजिए।

[2] सपनों के-से दिन
Chapter: [2] सपनों के-से दिन
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पीटी मास्टर प्रीतमचंद को देखकर बच्चे क्यों डरते थे?

[2] सपनों के-से दिन
Chapter: [2] सपनों के-से दिन
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लेखक और उसके साथी प्रीतमचंद की दी गई सज़ा वाला कौन-सा दिन आजीवन नहीं भूल सके?
अथवा
फ़ारसी की कक्षा में मास्टर प्रीतमचंद ने किस तरह शारीरिक दंड दिया जो बच्चों को आजीवन याद रहा?

[2] सपनों के-से दिन
Chapter: [2] सपनों के-से दिन
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हेडमास्टर ने प्रीतमचंद के विरुद्ध क्या कार्यवाही की?

[2] सपनों के-से दिन
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प्रीतमचंद के निलंबन के बाद भी बच्चों के मन में उनका डर किस तरह समाया था?

[2] सपनों के-से दिन
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लेखक ने अपने विद्यालय को हरा-भरा बनाने के लिए किए गए प्रयासों का वर्णन किया है। इससे आपको क्या प्रेरणा मिलती है?

[2] सपनों के-से दिन
Chapter: [2] सपनों के-से दिन
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लेखक और उसके साथियों द्वारा गरमी की छुट्टियाँ बिताने का ढंग आजकल के बच्चों द्वारा बिताई जाने वाली छुट्टियों से किस तरह अलग होता था?

[2] सपनों के-से दिन
Chapter: [2] सपनों के-से दिन
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मास्टर प्रीतमचंद को स्कूल से क्यों निलंबित कर दिया गया? निलंबन के औचित्य और उस घटना से उभरने वाले जीवन-मूल्यों पर विचार कीजिए।

[2] सपनों के-से दिन
Chapter: [2] सपनों के-से दिन
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