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साझेदारों के बीच लाभ का विभाजन

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  • लाभ एवं हानि विनियोग खाता
  • पूँजी पर ब्याज का परिकलन
  • आहरणों पर ब्याज
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सिम्मी एवं सोनू एक फर्म में साझेदार हैं जो लाभ एवं हानि का विभाजन 3: 1 के अनुपात में करते हैं। 31 मार्च, 2016 को वर्ष की समाप्ति पर निवल लाभ 50,000 रु. है। निम्नलिखित सूचनाओं को ध्यान में रखते हुए लाभ एवं हानि विनियोग खाता और पूँजी खाते तैयार करें:

  1. 01 अप्रैल, 2019 को साझेदारों की पूँजी; सिम्मी 30,000 रू.; सोनू 60,000 रू.;
  2. 01 अप्रैल, 2015 को चालू खाते का शेष; सिम्मी 30,000 रू. (जमा); सोनू 1,50,000 रू. (जमा);
  3. वर्ष के दौरान साझेदारों की आहरण राशि; सिम्मी 20,000 रू.; सोनू 15,000 रू.;
  4. पूँजी पर अनुमत ब्याज दर 5% प्रतिवर्ष;
  5. आहरणों पर प्रभारित ब्याज दर 6% प्रतिवर्ष; एक औसत के अनुसार 6 माह की अवधि;
  6. साझेदारों का वेतन : सिम्मी 12,000 रू. तथा सोनू 9,000 रू.। इसके साथ ही साझेदारों का चालू खाता दर्शाएँ।

हर्षद एवं धीमान 01 अप्रैल, 2019 से साझेदार हैं। इनके बीच कोई साझेदारी समझौता हस्ताक्षरित नहीं किया है। दोनों ने क्रमशः 4,00,000 रू. तथा 1,00,000 रू. पूँजी के रूप में लगाएँ हैं। इसके साथ ही हर्षद ने 01 अक्तूबर, 2019 को, 100,000 रू. अग्रिम राशि लगाई है। अस्वस्थ होने के कारण हर्षद 01 अगस्त से 30 सितंबर, 2016 तक व्यवसाय में भाग नहीं ले सका। वर्ष के अंत में 31 मार्च, 2020 में फर्म को 1,80,000 रू. का लाभ प्राप्त हुआ। लेकिन निम्न बातों के लिए हर्षद एवं धीमान के बीच विवाद पैदा हो गया।

हर्षद का दावा है:

  1. उसे अपनी पूँजी एवं दिए गए ऋण पर 10% प्रति वर्ष की दर से ब्याज मिलना चाहिए ।
  2. लाभ को पूँजी के अनुपात में वितरित किया जाना चाहिए।

धीमान का दावा है :

  1. लाभ का वितरण एक समान होना चाहिए;
  2. हर्षद की अनुपस्थिति में व्यवसाय अकेले चलाने के लिए उस अरधधि का पारिश्रमिक 2,000 रु. प्रतिमाह की दर से मिलना चाहिए;
  3. पूँजी एवं ऋण पर 6% प्रतिवर्ष की दर ब्याज अनुमत किया जाना चाहिए।
    आप से यह अपेक्षा की जाती है कि हर्षद एवं धीमान के बीच विवाद हल करें। इसके साथ ही लाभ एवं हानि विनियोग खाता तैयार करें।

मनीष एवं गिरीश के साझेदारी समझौते में यह प्रावधान है कि :

  1. लाभ का विभाजन बराबर होगा;
  2. मनीष को प्रतिमाह 400 रू. का वेतन अनुमत होगा;
  3. गिरीश, जो कि बिक्री विभाग का प्रबंध करता है उसे महेश के वेतन को अनुमत करने के बाद कमीशन के रूप में, निवल लाभ से 10% प्र. व कमीशन के रूप में प्राप्त होंगे।
  4. साझेदारों की स्थिर पूँजी पर 7% प्र. व की दर से ब्याज देय होगा।
  5. साझेदारों के वर्ष भर के आहरणों पर 5% की दर से व्याख्या प्रभारित होगी;
  6. मनीष एवं गिरीश की स्थिर पूँजी क्रमश: 1,00,000 रू. तथा 80,000 रु. हैं। उनकी वार्षिक आहरित राशि क्रमशः 16,000 रू. एवं 14,000 रू. है। 31 मार्च, 2019 को वर्ष की समाप्ति पर लाभ की राशि 40,000 रू. है।
    फर्म के लिए लाभ एवं हानि विनियोग खाता तैयार करें।
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