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चालक - स्थिरवैद्युतिकी

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  • चालक के भीतर स्थिरवैद्युत क्षेत्र शून्य होता है
  • आवेशित चालक के पृष्ठ पर, पृष्ठ के प्रत्येक बिंदु पर स्थिरवैद्युत क्षेत्र अभिलंबवत होना चाहिए
  • स्थैतिक स्थिति में किसी चालक के अभ्यंतर में कोई अतिरिक्त आवेश नहीं हो सकता
  • चालक के समस्त आयतन में स्थिरवैद्युत विभव नियत रहता है तथा इसका मान इसके पृष्ठ पर भी समान (भीतर के बराबर) होता है
  • आवेशित चालक के पृष्ठ पर विद्युत क्षेत्र
  • स्थिरवैद्युत परिरक्षण
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(a) दर्शाइए कि आवेशित पृष्ठ के एक पाश्र्व से दूसरे पाश्र्व पर स्थिरविद्युत-क्षेत्र के अभिलम्ब घटक में असांतत्य होता है, जिसे

`(vec"E"_2 - vec"E"_1)hat"n" = sigma/epsilon_0` द्वारा व्यक्त किया जाता है। जहाँ एक बिन्दु पर पृष्ठ के अभिलम्ब एकांक सदिश है तथा σ उस बिन्दु पर पृष्ठ आवेश घनत्व है (`hat"n"` की दिशा पाश्र्व 1 से पाश्र्व 2 की ओर है)। अतः दर्शाइए कि चालक के ठीक बाहर विद्युत-क्षेत्र `(sigmahat"n")/epsilon_0` है।

(b) दर्शाइए कि आवेशित पृष्ठ के एक पाश्र्व से दूसरे पाश्र्व पर स्थिरविद्युत-क्षेत्र का स्पर्शीय घटक संतत है।
[संकेत- (a) के लिए गौस-नियम का उपयोग कीजिए। (b) के लिए इस तथ्य का उपयोग करें कि संवृत पाश पर एक स्थिर वैद्युत क्षेत्र द्वारा किया गया कार्य शून्य होता है।)

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